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Azamgarh News: जिला अस्पताल में आग बुझाने के लिए लगे सिलिंडर की दो साल बाद भी नहीं कराई रिफिलिंग

Fri, 31 Oct 2025 12:45 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 31 Oct 2025 12:45 AM IST
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The fire extinguishers installed at the district hospital have not been refilled
26 जिला अस्पताल में लगा फायर सिलेंडर। संवाद - फोटो : रामायण मेला समिति की बैठक के दौरान मौजूद पदा​धिकारी
आमजगढ़। मंडलीय जिला अस्पताल में आग बुझाने के लिए लगाए गए फायर सिलिंडर एक्सपायर होने से रोजाना आने वाले सैकड़ों मरीजों की जान खतरे में है। अस्पताल प्रशासन अग्निशमन सिलिंडरों की रिफिलिंग अंतिम बार 21 सितंबर 2023 को कराई गई थी, जिसकी अगली ड्यू डेट 21 सितंबर 2024 थी। लेकिन एक वर्ष बाद भी सिलिंडरों की रिफिलिंग नहीं कराई गई है। अस्पताल प्रशासन भी लापरवाह बना है। ऐसे में आग लगी तो बड़ी छति हो सकती है।
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जिला अस्पताल में ही रोजाना 1200 से 1500 मरीज और उनके तीमारदार आते हैं। वहां आग बुझाने के लिए पानी टैंक, फायर सिलिंडर, अलार्म जैसी सुविधाएं हैं लेकिन वह भी बदहाल पड़े हैं। अस्पताल के वार्ड, ऑपरेशन थिएटर और इमरजेंसी सेक्शन में लगे 20 से अधिक फायर सिलिंडर बेकार हो चुके हैं।
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अग्निशमन नियमों के तहत इनकी हर वर्ष जांच और रिफिलिंग अनिवार्य होती है, लेकिन जिला अस्पताल प्रशासन ने इस सुरक्षा मानक को नजरअंदाज कर दिया है। वहीं, ऑफिस में लगे कुछ सिलिंडरों की रिफिलिंग करा दी गई है, जबकि मरीजों से जुड़े स्थानों पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। जिला अस्पताल में आग से बचाव और राहत की व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सीमित है। अगर चिंगारी भड़की तो अस्पतालों में मरीजों की जान बचाना मुश्किल होगा।
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आग बुझाने के लिए पूरे इंतजाम हैं। कुछ सिलिंडरों की रिफिलिंग कराई जा चुकी है, जो शेष हैं, उन्हें भी जल्द रिफिल करा दिया जाएगा। - डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस मंडलीय जिला चिकित्सालय आजमगढ़
ये हैं अस्पतालों के लिए अग्नि सुरक्षा के मानक
- न्यूनतम डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़े दो दरवाजे होने चाहिए।

- ऊपरी मंजिल पर ओवरहेड टैंक हो जिसमें हमेशा पानी भरा रहे।

- जगह-जगह अग्निशमन यंत्र लगे हों।

- आपातकालीन संकेतक और फायर अलार्म हो।

- बेसमेंट में अस्पताल का संचालन न हो।

- अग्निशमन विभाग की एनओसी ली हो।

- अग्निशमन विभाग, पुलिस और आपातकालीन नंबरों का डिस्प्ले हो।
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