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पोखरे में डूबने से पांच मासूमों की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sun, 03 May 2015 12:12 AM IST
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अतरौलिया थाना क्षेत्र के भैरोपुर दरगाह गांव में शनिवार की दोपहर पोखरे में नहाते समय डूबने से भाई-बहन सहित पांच बच्चों की मौत हो गई। सूचना मिलने पर एसडीएम और सीओ के साथ अतरौलिया थाने की पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने शव घरवालों को सौंप दिए।
प्रिंस (10) पुत्र रामू, उसकी बहन मोनिका (8), अंशिका (9) पुत्री गनेश, शुभम (8) पुत्र रमेश और शिखा (8) पुत्री राजकरन भैरोपुर दरगाह गांव की राजभर बस्ती के रहने वाले थे। सभी गांव के प्राइमरी स्कूल में पढ़ते थे। शनिवार को सभी सुबह से ही सीवान में भैंस चरा रहे थे। चरते-चरते इनकी भैंसें गांव के पश्चिम पोखरे के पास पहुंच गईं। सभी बच्चों ने पोखरे में भैंसों को नहलाया और इसके बाद खुद नहाने लगे।
इसी दौरान गहरे पानी में चले जाने से सभी बच्चे डूब गए। पता तब चला जब कुछ देर बाद पांचों के शव उतराए। उधर से गुजर रहे एक राहगीर ने शवों को देखकर शोर मचाया तो गांववालों को जानकारी हुई। मौके पर कई गांवों के लोग जुट गए। पांच मासूमों के शव देखकर चीख-पुकार मच गई। बच्चाें के शव उनके घर वालों को सौंप दिए गए। सीओ बूढ़नपुर रमेशचंद पाठक ने बताया कि पंचनामा करके शव घरवालों को सौंप दिए गए।
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बगैर मां-बाप के काट रहे थे दिन ः पोखरे में डूबकर जान गंवाने वाले पांच मासूमों में प्रिंस और मोनिका भाई-बहन थे। इनकी मां की करीब चार वर्ष पूर्व जलने से मौत हो गई थी। जबकि मां की हत्या के आरोप में उनका पिता जेल में है।
एक ही गड्ढे में हुए दफन ः अतरौलिया थाना क्षेत्र के भैरोपुर दरगाह गांव में शनिवार की दोपहर पोखरे में नहाते समय डूबने से हुई पांच बच्चों की मौत से न केवल गांव में कोहराम मचा है बल्कि आसपास के कई गांवों में मातम छा गया। गांववालों की सलाह पर तमसा नदी के किनारे एक बड़ी कब्र खोदकर पांचों बच्चों की लाश को दफन कर दिया गया। इस दौरान वहां लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा था।
हादसे की सूचना से प्रशासनिक अधिकारियों के जहां कान खड़े हो गए, वहीं क्षेत्रीय नेताओं का गांव में जमावड़ा लग गया। प्रदेश के कारागार मंत्री बलराम यादव, अतरौलिया विधायक डा. संग्राम यादव ने शोक संवेदना व्यक्त की। पोखरे से एक साथ पांच बच्चों की लाश निकालने के बाद सभी को एक साथ रखा गया था। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवाना चाहा, लेकिन गांव वालों की सलाह पर घरवालों ने इंकार कर दिया।
भैरोपुर दरगाह में हुई इस घटना से पास के बिहटा, शाहपुर, भटौली सहित अन्य गांव के ग्रामीणों सूचना पाकर मौके पर पहुंचे। शाम को पाचों बच्चों की लाश को अहरौला थाना क्षेत्र में तमसा नदी के तट पर बड़ी कब्र खोदकर एक साथ दफन किया गया। एसडीएम बूढ़नपुर रामगोपाल सिंह ने बताया कि पंचनामा की रिपोर्ट को शासन को भेजकर मुख्यमंत्री राहत कोष से परिवारवालों को आर्थिक मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
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प्रिंस (10) पुत्र रामू, उसकी बहन मोनिका (8), अंशिका (9) पुत्री गनेश, शुभम (8) पुत्र रमेश और शिखा (8) पुत्री राजकरन भैरोपुर दरगाह गांव की राजभर बस्ती के रहने वाले थे। सभी गांव के प्राइमरी स्कूल में पढ़ते थे। शनिवार को सभी सुबह से ही सीवान में भैंस चरा रहे थे। चरते-चरते इनकी भैंसें गांव के पश्चिम पोखरे के पास पहुंच गईं। सभी बच्चों ने पोखरे में भैंसों को नहलाया और इसके बाद खुद नहाने लगे।
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इसी दौरान गहरे पानी में चले जाने से सभी बच्चे डूब गए। पता तब चला जब कुछ देर बाद पांचों के शव उतराए। उधर से गुजर रहे एक राहगीर ने शवों को देखकर शोर मचाया तो गांववालों को जानकारी हुई। मौके पर कई गांवों के लोग जुट गए। पांच मासूमों के शव देखकर चीख-पुकार मच गई। बच्चाें के शव उनके घर वालों को सौंप दिए गए। सीओ बूढ़नपुर रमेशचंद पाठक ने बताया कि पंचनामा करके शव घरवालों को सौंप दिए गए।
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बगैर मां-बाप के काट रहे थे दिन ः पोखरे में डूबकर जान गंवाने वाले पांच मासूमों में प्रिंस और मोनिका भाई-बहन थे। इनकी मां की करीब चार वर्ष पूर्व जलने से मौत हो गई थी। जबकि मां की हत्या के आरोप में उनका पिता जेल में है।
एक ही गड्ढे में हुए दफन ः अतरौलिया थाना क्षेत्र के भैरोपुर दरगाह गांव में शनिवार की दोपहर पोखरे में नहाते समय डूबने से हुई पांच बच्चों की मौत से न केवल गांव में कोहराम मचा है बल्कि आसपास के कई गांवों में मातम छा गया। गांववालों की सलाह पर तमसा नदी के किनारे एक बड़ी कब्र खोदकर पांचों बच्चों की लाश को दफन कर दिया गया। इस दौरान वहां लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा था।
हादसे की सूचना से प्रशासनिक अधिकारियों के जहां कान खड़े हो गए, वहीं क्षेत्रीय नेताओं का गांव में जमावड़ा लग गया। प्रदेश के कारागार मंत्री बलराम यादव, अतरौलिया विधायक डा. संग्राम यादव ने शोक संवेदना व्यक्त की। पोखरे से एक साथ पांच बच्चों की लाश निकालने के बाद सभी को एक साथ रखा गया था। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम करवाना चाहा, लेकिन गांव वालों की सलाह पर घरवालों ने इंकार कर दिया।
भैरोपुर दरगाह में हुई इस घटना से पास के बिहटा, शाहपुर, भटौली सहित अन्य गांव के ग्रामीणों सूचना पाकर मौके पर पहुंचे। शाम को पाचों बच्चों की लाश को अहरौला थाना क्षेत्र में तमसा नदी के तट पर बड़ी कब्र खोदकर एक साथ दफन किया गया। एसडीएम बूढ़नपुर रामगोपाल सिंह ने बताया कि पंचनामा की रिपोर्ट को शासन को भेजकर मुख्यमंत्री राहत कोष से परिवारवालों को आर्थिक मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा।