शहर क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत का काम तो चल रहा है लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की कई सड़कों का हाल बुरा है। दशकों से खराब पड़ी सड़कों पर जहां लोग हिचकोले खाते जा रहे हैं वहीं, जिम्मेदार मौन साधे हुए हैं। जर्जर सड़क के निर्माण के नाम पर हर बार आश्वासन ही मिल रहा है। पवई: बाजार से कलान चौराहा जाने वाली चार किमी सड़क वर्षो से काफी जर्जर हो चुकी है। जिससे आवागमन में लोगों को काफी परेशानी हो रही है। जर्जर सड़क से उड़ रही धूल से लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। सड़क में जगह- जगह बड़े- बड़े गड्ढे बए गए हैं। जो हमेशा दुर्घटना को दावत देते रहते हैं। दशकों से खराब पड़ी पवई बाजार से कलान चौराहे तक जाने वाली सड़क के निर्माण के लिए कई बार क्षेत्र के लोगों ने विभाग के अधिकारियों से शिकायत की लेकिन कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। पवई- कलान चौराहा मार्ग आजमगढ़ के साथ ही आंबेडकर नगर, सुल्तानुपर,वजौनपुर जिले को जोड़ता है। इस मार्ग से रामपुर कला, मरहट, शाहमर्दानपुर, अलीनगर, जमुहट आदि गांवों के लोगों का आना-जाना होता है। जगह-जगह से पिच गायब है, गिट्टियां बिखरी पड़ी हैं। पैदल, बाइक से चलना मुश्किल हो गया है। क्षेत्र के अतुल सिंह, डॉ वीरेंद्र प्रताप सिंह, दीपक यादव,ने कहा कि बदहाल सड़क की सूरत बदलने की दिशा में कोई पहल नहीं की गई। अधिकारियों के साथ ही जनप्रतिनिधि भी उदासीन बने हुए हैं। अधिशासी अभियंता शंकर्सन लाल ने बताया किपवई- कलान चौराहा मार्ग के सात मीटर चौड़ीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। लेकिन वहां से अभी तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है। अहरौला : एक दशक से जर्जर व गढ्ढों में तब्दील अहरौला- कप्तानगंज मार्ग को अभी तक गड्ढा मुक्त नहीं किया जा सका। इसके निर्माण के लिए क्षेत्र के लोग कई बार आंदोलन और भूख हड़ताल कर चुके हैं लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेगीं। लगभग 21 किमी यह मार्ग एक तरफ जहां फुलवरिया में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ता है वहीं, दूसरी तरफ कप्तानगंज में आजमगढ़-फैजाबाद फोरलेन को जोड़ता है। प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार ने कहा कि अहरौला-कप्तानगंज मार्ग प्रक्रिया में है, विभाग की तरफ से 56.52 करोड़ का बजट स्वीकृति के लिए शासन को भेजा गया है।