{"_id":"5fbaa1788ebc3e9bd35725f1","slug":"the-cold-broke-the-record-of-10-years-in-azamgarh-azamgarh-news-vns55955035","type":"story","status":"publish","title_hn":"आजमगढ़ में ठंड ने तोड़ा 10 सालों का रिकार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आजमगढ़ में ठंड ने तोड़ा 10 सालों का रिकार्ड
विज्ञापन
आजमगढ़। जनपद में रविवार को नवंबर माह का सबसे सर्द दिन दर्ज किया गया। इस दौरान जनपद का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विगत 10 वर्ष में 22 नवंबर को न्यूनतम तापमान में इतनी कमी नहीं दर्ज की गई थी।आने वाले कुछ दिनों में कोहरे का भी अंदेशा जताया जा रहा है।
मौसम विज्ञानियों द्वारा इस बार कड़ाके की ठंड पड़ने की चेतावनी जारी की जा रही है। जिसका असर जनपद में भी देखने को मिल रहा है। रविवार को नवंबर माह की 22 तारीख को विगत 10 सालों का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया। इस प्रकार न्यूनतम पारे ने जनपद में 10 साल के रिकार्ड को ध्वस्त कर दिया। सुबह के समय ठंड ज्यादा होने के कारण रजाई और कंबल से निकलने का मन नहीं कर रहा था। दिन को धूप निकलने के बाद लोगों ने राहत महसूस की। लेकिन शाम को दिन ढ़लने के बाद गलन बढ़ गई और यह गलन इतनी ज्यादा थी कि लोग घरों में दुबकने को विवश हो गए। ठंड का प्रकोप बढ़ने के साथ ही मौसमी बिमारियों ने भी अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। चिकित्सकों के यहां सर्दी, खांसी, जुकाम से पीड़ितों की आमद बढ़ गई है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और बच्चों को हो रही है। चिकित्सकों द्वारा बुजुर्गों और बच्चों को घरों में ही रहने की सलाह दी जा रही है।
विगत 10 सालों में 22 नवंबर को तापमान
वर्ष अधिकतम न्यूनतम
2010 25 14
2011 29 15
2012 27 12
2013 26 15
2014 27 14
2015 28 19
2016 29 18
2017 26 16
2018 27 15
2019 26 16
2020 25 10
विज्ञापन
मौसम विज्ञानियों द्वारा इस बार कड़ाके की ठंड पड़ने की चेतावनी जारी की जा रही है। जिसका असर जनपद में भी देखने को मिल रहा है। रविवार को नवंबर माह की 22 तारीख को विगत 10 सालों का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया। इस प्रकार न्यूनतम पारे ने जनपद में 10 साल के रिकार्ड को ध्वस्त कर दिया। सुबह के समय ठंड ज्यादा होने के कारण रजाई और कंबल से निकलने का मन नहीं कर रहा था। दिन को धूप निकलने के बाद लोगों ने राहत महसूस की। लेकिन शाम को दिन ढ़लने के बाद गलन बढ़ गई और यह गलन इतनी ज्यादा थी कि लोग घरों में दुबकने को विवश हो गए। ठंड का प्रकोप बढ़ने के साथ ही मौसमी बिमारियों ने भी अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। चिकित्सकों के यहां सर्दी, खांसी, जुकाम से पीड़ितों की आमद बढ़ गई है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और बच्चों को हो रही है। चिकित्सकों द्वारा बुजुर्गों और बच्चों को घरों में ही रहने की सलाह दी जा रही है।
विज्ञापन
विगत 10 सालों में 22 नवंबर को तापमान
वर्ष अधिकतम न्यूनतम
2010 25 14
2011 29 15
2012 27 12
2013 26 15
2014 27 14
2015 28 19
2016 29 18
2017 26 16
2018 27 15
2019 26 16
2020 25 10