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स्नान कर किया दान
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Fri, 15 Jan 2016 11:31 PM IST
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जिले में मकर संक्रांति का पर्व शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया। मकर संक्रांति के मद्देनजर भैरोबाबा, दत्तात्रेय धाम और दुर्वासा धाम पर सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे। पुण्य की कामना लिए आस्था की डुबकी लगाई। स्नान-ध्यान के बाद पूजन-अर्चन कर मन्नतें मांगीं। इसके बाद गरीबों में अनाज आदि का दान किया। उधर पूरे दिन युवाओं सहित बच्चों ने जमकर पतंगबाजी का लुत्फ उठाया।
सूर्योदय होने से पहले ही श्रद्धालुओं ने तमसाए मंजूषा तट पर जहां डुबकी लगाईए वहीं भैरोबाबा धाम सहित दत्तात्रेय आदि धाम पर स्थित पोखरे में भी श्रद्धालुओं ने स्नान किया। इसके बाद चावल एवं उर्द छूकर खिचड़ी की रस्म अदायगी की। शहरवासी सुबह स्नान करने के बाद नए कपड़े पहने और रस्म अदायगी करने के बाद चूड़ा, लाई, गट्टा, गुड़ आदि का सेवन किया।
हर घरों में खिचड़ी भी बनाकर लोगों ने त्यौहार की रस्म अदायगी की। मकर संक्रांति के दिन पर भी चौक पर खरीदारी होती रही, जबकि बहू-बेटियों के यहां भी खिचड़ी पहुंचाने का क्रम चलता रहा। इससे शहर सहित बाजारों में चहल-पहल रही। उधर बच्चे सुबह से ही पतंगबाजी में लगे रहे। पतंग उड़ाने को लेकर बच्चों में अलग ही उत्साह दिख रहा था।
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फूलपुर संवाददाता के अनुसार मकर संक्रांति पर पुण्य का भागी बनने की इच्छा लिए हजारों लोगों ने मंजूषा के संगम तट पर डुबकी लगाई। मकर संक्रांति को सूर्योदय पूर्व स्नान का विशेष महत्व है। दुर्वासा में स्नानार्थियों का आना भोर में ही प्रारंभ हो गया था,
जो दोपहर तक जारी रहा। दुर्वासा संगम तट पर महर्षि दुर्वासा चंद्रमा सेवा समिति के बलराम तिवारी, सुनील गौड़, पंकज, संजय, शेर बहादुर, प्रेमचंद, राहुल, विजय आदि ने संगम तट पर सफाई की व्यवस्था कराई। दोपहर तक हजारों श्रद्धालु तमसा-मंजूषा के तट पर स्नान कर चुके थ्रे।
गोसाई की बाजार संवाददाता के मुताबिक लालगंज क्षेत्र में मसीरपुर स्थित खाकी बाबा आश्रम पर खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने खिचड़ी खाया। महंत रामअधार दास ने बताया कि खाकी बाबा आश्रम में विगत 16 वर्षों से खिचड़ी भोज का आयोजन हो रहा है।
क्षेत्र में खाकी बाबा मंदिर का विशेष महत्व है। इस अवसर पर प्रधानपति उदयनरायन सिंह, राकेश सिंह, रामाश्रय, जीतबहादुर, खिचड़ू, राजकुमार, प्रधान आशा सिंह, संजय सिंह, जय सिंह, धन्नजय सिंह, जयशंकर सिंह आदि उपस्थित रहे।
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सूर्योदय होने से पहले ही श्रद्धालुओं ने तमसाए मंजूषा तट पर जहां डुबकी लगाईए वहीं भैरोबाबा धाम सहित दत्तात्रेय आदि धाम पर स्थित पोखरे में भी श्रद्धालुओं ने स्नान किया। इसके बाद चावल एवं उर्द छूकर खिचड़ी की रस्म अदायगी की। शहरवासी सुबह स्नान करने के बाद नए कपड़े पहने और रस्म अदायगी करने के बाद चूड़ा, लाई, गट्टा, गुड़ आदि का सेवन किया।
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हर घरों में खिचड़ी भी बनाकर लोगों ने त्यौहार की रस्म अदायगी की। मकर संक्रांति के दिन पर भी चौक पर खरीदारी होती रही, जबकि बहू-बेटियों के यहां भी खिचड़ी पहुंचाने का क्रम चलता रहा। इससे शहर सहित बाजारों में चहल-पहल रही। उधर बच्चे सुबह से ही पतंगबाजी में लगे रहे। पतंग उड़ाने को लेकर बच्चों में अलग ही उत्साह दिख रहा था।
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फूलपुर संवाददाता के अनुसार मकर संक्रांति पर पुण्य का भागी बनने की इच्छा लिए हजारों लोगों ने मंजूषा के संगम तट पर डुबकी लगाई। मकर संक्रांति को सूर्योदय पूर्व स्नान का विशेष महत्व है। दुर्वासा में स्नानार्थियों का आना भोर में ही प्रारंभ हो गया था,
जो दोपहर तक जारी रहा। दुर्वासा संगम तट पर महर्षि दुर्वासा चंद्रमा सेवा समिति के बलराम तिवारी, सुनील गौड़, पंकज, संजय, शेर बहादुर, प्रेमचंद, राहुल, विजय आदि ने संगम तट पर सफाई की व्यवस्था कराई। दोपहर तक हजारों श्रद्धालु तमसा-मंजूषा के तट पर स्नान कर चुके थ्रे।
गोसाई की बाजार संवाददाता के मुताबिक लालगंज क्षेत्र में मसीरपुर स्थित खाकी बाबा आश्रम पर खिचड़ी भोज का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने खिचड़ी खाया। महंत रामअधार दास ने बताया कि खाकी बाबा आश्रम में विगत 16 वर्षों से खिचड़ी भोज का आयोजन हो रहा है।
क्षेत्र में खाकी बाबा मंदिर का विशेष महत्व है। इस अवसर पर प्रधानपति उदयनरायन सिंह, राकेश सिंह, रामाश्रय, जीतबहादुर, खिचड़ू, राजकुमार, प्रधान आशा सिंह, संजय सिंह, जय सिंह, धन्नजय सिंह, जयशंकर सिंह आदि उपस्थित रहे।