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शिविर में सिखाई गई जीवन जीने की कला
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sat, 28 Feb 2015 12:16 AM IST
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जिले के दो महाविद्यालयों में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का समापन शुक्रवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच हुआ। इस दौरान शिविरार्थियों ने जीवन जीने की कला सीखी। समापन पर स्वयंसेवकों ने नृत्य और नाटकों से संदेश दिया।
बूढ़नपुर संवाददाता के अनुसार मां शृंगारी महिला महाविद्यालय भरौली कोयलसा मेें चल रहे सप्ताहव्यापी राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का समापन शुक्रवार को हुआ।
पूर्व प्राचार्य गांधी शताब्दी स्मारक महाविद्यालय कोयलसा डा. मदन मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना समाज के लिए महत्वपूर्ण है।
अध्यक्षता करते हुए डा. धर्मराज सिंह ने कहा कि इन सात दिनों में जीवन जीने की कला स्वयंसेवकों ने पूरी तरह मनोयोग से सीखी। प्रबंधक डा. बीके यादव ने आभार जताया।
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संचालन उदयराज यादव ने किया। मेहनगर संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के बाबा विश्वनाथ कृषक महाविद्यालय भिटाकासों में चल रहे सात दिवसीय एनएसएस शिविर का समापन शुक्रवार को हुआ।
इस दौरान स्वयंसेवकों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस मौके पर संस्थापक विश्वनाथ यादव, प्रबंधक राजनरायन यादव, प्राचार्य देवेंद्र विक्रम सिंह, अर्जुन यादव, दुर्गा प्रसाद सिंह आदि उपस्थित थे।
बूढ़नपुर संवाददाता के अनुसार मां शृंगारी महिला महाविद्यालय भरौली कोयलसा मेें चल रहे सप्ताहव्यापी राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का समापन शुक्रवार को हुआ।
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पूर्व प्राचार्य गांधी शताब्दी स्मारक महाविद्यालय कोयलसा डा. मदन मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना समाज के लिए महत्वपूर्ण है।
अध्यक्षता करते हुए डा. धर्मराज सिंह ने कहा कि इन सात दिनों में जीवन जीने की कला स्वयंसेवकों ने पूरी तरह मनोयोग से सीखी। प्रबंधक डा. बीके यादव ने आभार जताया।
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संचालन उदयराज यादव ने किया। मेहनगर संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के बाबा विश्वनाथ कृषक महाविद्यालय भिटाकासों में चल रहे सात दिवसीय एनएसएस शिविर का समापन शुक्रवार को हुआ।
इस दौरान स्वयंसेवकों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस मौके पर संस्थापक विश्वनाथ यादव, प्रबंधक राजनरायन यादव, प्राचार्य देवेंद्र विक्रम सिंह, अर्जुन यादव, दुर्गा प्रसाद सिंह आदि उपस्थित थे।