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Azamgarh News: आउट ऑफ स्कूल बच्चों को स्कूल तक लाने के लिए, शिक्षक करेंगे फैमिली सर्वे
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आजमगढ़। आउट ऑफ स्कूल बच्चों को स्कूल तक लाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से परिवार सर्वेक्षण अभियान चलाया जाएगा। शासन ने परिवार सर्वेक्षण पूरा कर छात्र-छात्राओं का ब्योरा पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत शिक्षक 17 जून से अभियान शुरु कर ऐसे बच्चों के लिए फैमिली सर्वे करेंगे जो स्कूल से दूर हो चुके हैं। ताकि शिक्षा से उन्हें जोड़ा जा सके।
सरकार की ओर से स्कूल चलो अभियान चलाया जा रहा है। उन्हें हाउस होल्ड सर्वे करने का भी निर्देश मिला है। इसके तहत हर शिक्षक को घर-घर जाना होगा। साथ ही बच्चाें को विवरण जुटाना है। इसके तहत कितने बच्चे स्कूल जा रहे हैं और कितने नहीं। अभिभावकों से इसकी जानकारी जुटाते हुए शिक्षक उन्हें प्रेरित भी करेंगे। वह अपने बच्चों को स्कूल भेज सकें।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य परिषदीय विद्यालयों में संसाधन बढ़ाते हुए पठन-पाठन का स्तर भी उठाना है। शासन की ओर से परिवार सर्वेक्षण पूरा कर छात्र-छात्राओं का ब्योरा पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षक बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले और पढ़ाई न करने वाले सात से 14 वर्ष आयु के विद्यार्थियों को चिह्नित करेंगे। इसके बाद उनका स्कूलों में नामांकन कराएंगे। पहले चरण का सर्वेक्षण 17 जून से 16 जुलाई तक होगा। उसके बाद दूसरे चरण में एक अगस्त से 31 अगस्त तक सर्वेक्षण किया जाएगा। उनका दाखिला कराने के साथ ही ब्योरा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
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बच्चों से संबंधित आंकड़ों व सर्वे रिपोर्ट विभाग की ओर से विकसित एप पर अपलोड की जाएगी। खासकर घुमंतू बच्चों की पहचान के लिए विशेष रणनीति तय की गई है। रेलवे स्टेशन, चौक-चौराहों आदि जगहों पर घुमंतू बच्चों की पहचान कर उन्हें स्कूलों में दक्षता के अनुसार नामांकन कराया जाएगा। - समीर, बीएसए आजमगढ़।
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सरकार की ओर से स्कूल चलो अभियान चलाया जा रहा है। उन्हें हाउस होल्ड सर्वे करने का भी निर्देश मिला है। इसके तहत हर शिक्षक को घर-घर जाना होगा। साथ ही बच्चाें को विवरण जुटाना है। इसके तहत कितने बच्चे स्कूल जा रहे हैं और कितने नहीं। अभिभावकों से इसकी जानकारी जुटाते हुए शिक्षक उन्हें प्रेरित भी करेंगे। वह अपने बच्चों को स्कूल भेज सकें।
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इस अभियान का मुख्य उद्देश्य परिषदीय विद्यालयों में संसाधन बढ़ाते हुए पठन-पाठन का स्तर भी उठाना है। शासन की ओर से परिवार सर्वेक्षण पूरा कर छात्र-छात्राओं का ब्योरा पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षक बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले और पढ़ाई न करने वाले सात से 14 वर्ष आयु के विद्यार्थियों को चिह्नित करेंगे। इसके बाद उनका स्कूलों में नामांकन कराएंगे। पहले चरण का सर्वेक्षण 17 जून से 16 जुलाई तक होगा। उसके बाद दूसरे चरण में एक अगस्त से 31 अगस्त तक सर्वेक्षण किया जाएगा। उनका दाखिला कराने के साथ ही ब्योरा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
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बच्चों से संबंधित आंकड़ों व सर्वे रिपोर्ट विभाग की ओर से विकसित एप पर अपलोड की जाएगी। खासकर घुमंतू बच्चों की पहचान के लिए विशेष रणनीति तय की गई है। रेलवे स्टेशन, चौक-चौराहों आदि जगहों पर घुमंतू बच्चों की पहचान कर उन्हें स्कूलों में दक्षता के अनुसार नामांकन कराया जाएगा। - समीर, बीएसए आजमगढ़।