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Azamgarh News: लेके जानकी को संग घर से...
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आजमगढ़। नारी शक्ति संस्थान की ओर से नारी शक्ति सावन उत्सव-2024 का आयोजन नगर के रोडवेज स्थित एक होटल में किया गया। संस्थान की ओर से कजरी गीत के बीच झूले का प्रबंध किया गया था। सावन उत्सव में सावन सुंदरी एवं मेहंदी प्रतियोगिता सभी के आकर्षक का केंद्र रही।
रिंकी प्रशांत, साथी टीम सुधा तिवारी, पूनम यशपाल सिंह, अनुपमा आर तिवारी और प्रतिभा पाठक ने कजरी गीत ... लेके जानकी को संग घर से निकले लखन, बन में छोड़ आए सुधिया विसारी पिया..., अरे रामा सरयू किनारे दोनों भइया,मांग रहे नैया ये हरी..., ओ राधा रानी ऐसी रूठी, झूला झूले न झूलन दें... की प्रस्तुति दी। इस पर महिलाएं खूब थिरकीं।
संस्था की अध्यक्ष डॉ. नेहा दुबे ने कहा कि कार्यक्रम भारतीय संस्कृति के पारंपरिक उत्सवों के संरक्षण एवं उसके विकास के लिए समर्पित है। आज आधुनिकता की दौड़ में कजरी विलुप्त होने के कगार पर हैं। पहले गांव से लेकर शहर तक कजरी गीत सावन में सुनाई पड़ते थे लेकिन आज इन गीतों का अभाव हो गया है। गाने वाले भी कम हो गए हैं। ऐसे कार्यक्रमों से इनके प्रचार प्रसार में मदद मिलती है। नारी शक्ति संस्था की सचिव डॉ पूनम तिवारी ने कहा कि उत्सव हमारे जीवन में नई ऊर्जा का संचार करते हैं। रीति रिवाजों को बचाने की जरूरत है। सचिव डॉ. तिवारी ने बताया कि सावन सुंदरी में पूर्णिमा उपाध्याय एवं मेहंदी प्रतियोगिता में अनिता श्रीवास्तव प्रथम, लक्ष्मी कश्यप द्वितीय एवं अनामिका प्रजापति तृतीय स्थान पर रहीं। खेल प्रतियोगिता में आशा विजयी रहीं। निर्णायक मंडल में डाॅ. प्रमिला मौर्या, डाॅ. यास्मीन बानो, डाॅ. नम्रता राय रहीं। आभार विदुषी अस्थाना ने जताया। संचालन अंशु अस्थाना ने किया।
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रिंकी प्रशांत, साथी टीम सुधा तिवारी, पूनम यशपाल सिंह, अनुपमा आर तिवारी और प्रतिभा पाठक ने कजरी गीत ... लेके जानकी को संग घर से निकले लखन, बन में छोड़ आए सुधिया विसारी पिया..., अरे रामा सरयू किनारे दोनों भइया,मांग रहे नैया ये हरी..., ओ राधा रानी ऐसी रूठी, झूला झूले न झूलन दें... की प्रस्तुति दी। इस पर महिलाएं खूब थिरकीं।
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संस्था की अध्यक्ष डॉ. नेहा दुबे ने कहा कि कार्यक्रम भारतीय संस्कृति के पारंपरिक उत्सवों के संरक्षण एवं उसके विकास के लिए समर्पित है। आज आधुनिकता की दौड़ में कजरी विलुप्त होने के कगार पर हैं। पहले गांव से लेकर शहर तक कजरी गीत सावन में सुनाई पड़ते थे लेकिन आज इन गीतों का अभाव हो गया है। गाने वाले भी कम हो गए हैं। ऐसे कार्यक्रमों से इनके प्रचार प्रसार में मदद मिलती है। नारी शक्ति संस्था की सचिव डॉ पूनम तिवारी ने कहा कि उत्सव हमारे जीवन में नई ऊर्जा का संचार करते हैं। रीति रिवाजों को बचाने की जरूरत है। सचिव डॉ. तिवारी ने बताया कि सावन सुंदरी में पूर्णिमा उपाध्याय एवं मेहंदी प्रतियोगिता में अनिता श्रीवास्तव प्रथम, लक्ष्मी कश्यप द्वितीय एवं अनामिका प्रजापति तृतीय स्थान पर रहीं। खेल प्रतियोगिता में आशा विजयी रहीं। निर्णायक मंडल में डाॅ. प्रमिला मौर्या, डाॅ. यास्मीन बानो, डाॅ. नम्रता राय रहीं। आभार विदुषी अस्थाना ने जताया। संचालन अंशु अस्थाना ने किया।
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