फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Sugarcane of farmers is drying up due to lack of slip

पर्ची के अभाव में सूख रहा किसानों का गन्ना

Sat, 08 Feb 2020 11:36 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 08 Feb 2020 11:36 PM IST
विज्ञापन
Sugarcane of farmers is drying up due to lack of slip
हरैया में सूख रहा गन्ना। - फोटो : AZAMGARH
लाटघाट। जनपद के सगड़ी तहसील क्षेत्र के अजमतगढ और हरैया ब्लाक के किसानों का गन्ना किसान सहकारी चीनी मिल घोसी मऊ में जाता है। लेकिन आज पर्ची के अभाव में सैकड़ों किसानों का गन्ना खेत में पड़ा सूख रहा है। वहीं किसान पर्ची मिले बिना ही गन्ना कटवा रहे हैं।
विज्ञापन

सगड़ी तहसील क्षेत्र के अजमतगढ़ और हरैया विकास खंड के ज्यादातर किसान अपने गन्ने की आपूर्ति घोसी चीनी मिल को करते हैं। गन्ना सुपरवाइजर गन्ना किसानों के गन्ने का रेट तय करता है। किस किसान का गन्ना किस कैटेगरी का है। गन्ना सुपरवाइजर यानी गन्ना ग्राम सेवक जब गन्ने की पैमाइश करते हैं तो उसी समय गन्ने की कैटेगरी तय कर देते हैं और उसी हिसाब से उनको पर्चियां जारी होती हैं। इसके लिए गन्ना किसानों का बेसिक और एडिशनल दो किस्म के पर्ची निर्धारित होती है। गन्ना का मूल्य सरकार द्वारा रिजेक्ट गन्ना 310 रुपये प्रति कुंतल, सामान्य गन्ना 315 रुपये प्रति कुंतल और अर्ली गन्ना 325 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। घोसी चीनी मिल पर 1000000 कुंतल गन्ने की पेराई हो चुकी है। मिल पर आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर और गाजीपुर के भी किसान गन्ना सप्लाई देते हैं। बलिया मऊ के पूरे किसान, देवरिया, गोरखपुर, गाजीपुर और आजमगढ़ के आंशिक किसानों का गन्ना वहां जाता है। डीसीओ घोसी चीनी मिल मऊ ने बताया कि 22000 गन्ना किसान हैं जो मिल गन्ना सप्लाई करते हैं। रामाश्रय राय डायरेक्टर सहकारी चीनी मिल संघ लखनऊ और उपसभापति घोसी चीनी मिल ने बताया कि अजमतगढ हरैया में लगभग 8000 किसान हैं। जो घोसी चीनी मिल के 40 प्रतिशत गन्ना पेराई के लिए देते हैं। जिन गन्ना किसानों का गन्ना सूख रहा है वह बिना पर्ची मिले बिना ही गन्ना कटवा दिए हैं। इसलिए सउनका ही गन्ना सूख रहा है। पर्ची के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। गन्ना किसान शिवचंद यादव, राजमन यादव, धर्मेंद्र याजदव, महेश यादव, सुभाष यादव, पल्टन यादव आदि किसानों ने बताया कि गन्ना किसानों का पर्ची समय से ना मिलने से कटे हुए गन्ने सूख रहे हैं। इसके लिए सहकारी चीनी मिल पर काफी दौड़-धूप करनी पड़ रही है। उसके बाद से भी महीनों से काट कर रखे गन्ने सूख रहे हैं। जिससे किसानों का करोड़ों का नुकसान संभव है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed