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पढ़ने के बजाए सफाई कर रहे है परिषदीय विद्यालय के बच्चे
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जाफरपुर उच्च प्राथमिक विद्यलाय में सफाई करते बच्चें।
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। परिषदीय विद्यालयों पर बच्चों को पढ़ाने के बजाए साफ-सफाई कराया जा रहा है। ऐसा नजारा शुक्रवार केे जूनियर हाई स्कूल जाफरपुर पर देखने को मिला। बच्चों के अनुसार चार दिनों से उनसे 26 जनवरी की तैयारी की बात कह कर परिसर में सफाई करायी जा रही है।
जूनियर हाई स्कूल पर बच्चों को पढ़ाने के बजाए काम कराने की यह कोई नया मामला नहीं है। पूर्व में भी यहां के बच्चे पेड़ की डालियां आदि ढोते हुए देखे गये थे। शुक्रवार को भी बच्चे निर्धारित समय पर स्कूल पर पहुंचे। स्कूल में पहुंचते ही स्काउट टीचर दिनेश ने बच्चों को पढ़ाने के बजाए विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की ड्यूटी पर लगा दिया। शुक्रवार को दिन में लगभग दो बजे पांच छह की संख्या में बच्चे विद्यालय के मुख्य गेट के बाहर फावड़ा आदि लेकर मिट्टी काटने की कवायद में जुटे थे। बच्चों ने पूछने पर बताया कि शिक्षक दिनेश के कहने पर वे यह कार्य कर रहे है। जब उनसे यह पूछा गया कि आप यहां पढ़ने आते है या यह काम करने तो उन्होंने कहा कि शिक्षक ने कहा तो करना पड़ रहा है। इन बच्चों में एक बच्चा जहां यूनिफार्म में था तो अन्य बिना यूनिफार्म के थे। शिक्षक दिनेश से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि 26 जनवरी है, ऐसे में बच्चों से कुछ मदद ली जा रही है, क्योकि यहां सफाई कर्मी साफ-सफाई के लिए नहीं आता है। वहीं प्रधानाध्यापिका कांति राय ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। बच्चों से सफाई नहीं करायी जा रही थी। सुबह ही सफाई कर्मी आया था और परिसर बड़ा है, इसलिए मजदूर भी सफाई के लिए लगाये गये है। बच्चे लंच टाइम में फावड़ा उठा लिए होंगे।
जो बच्चे विद्यालय में सफाई कर रहे थे, उन्होंने मेरे कार्यालय में भी सफाई किया है। वे बच्चे स्काउट-गाइड के है और इनके पाठयक्रम में यह शामिल है। जिसके तहत ही इन्होंने यह कार्य किया है। इसे अन्यथा में लेने की जरूरत नहीं है। - देवेंद्र कुमार पांडेय, बीएसए, आजमगढ़।
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जूनियर हाई स्कूल पर बच्चों को पढ़ाने के बजाए काम कराने की यह कोई नया मामला नहीं है। पूर्व में भी यहां के बच्चे पेड़ की डालियां आदि ढोते हुए देखे गये थे। शुक्रवार को भी बच्चे निर्धारित समय पर स्कूल पर पहुंचे। स्कूल में पहुंचते ही स्काउट टीचर दिनेश ने बच्चों को पढ़ाने के बजाए विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की ड्यूटी पर लगा दिया। शुक्रवार को दिन में लगभग दो बजे पांच छह की संख्या में बच्चे विद्यालय के मुख्य गेट के बाहर फावड़ा आदि लेकर मिट्टी काटने की कवायद में जुटे थे। बच्चों ने पूछने पर बताया कि शिक्षक दिनेश के कहने पर वे यह कार्य कर रहे है। जब उनसे यह पूछा गया कि आप यहां पढ़ने आते है या यह काम करने तो उन्होंने कहा कि शिक्षक ने कहा तो करना पड़ रहा है। इन बच्चों में एक बच्चा जहां यूनिफार्म में था तो अन्य बिना यूनिफार्म के थे। शिक्षक दिनेश से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि 26 जनवरी है, ऐसे में बच्चों से कुछ मदद ली जा रही है, क्योकि यहां सफाई कर्मी साफ-सफाई के लिए नहीं आता है। वहीं प्रधानाध्यापिका कांति राय ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। बच्चों से सफाई नहीं करायी जा रही थी। सुबह ही सफाई कर्मी आया था और परिसर बड़ा है, इसलिए मजदूर भी सफाई के लिए लगाये गये है। बच्चे लंच टाइम में फावड़ा उठा लिए होंगे।
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जो बच्चे विद्यालय में सफाई कर रहे थे, उन्होंने मेरे कार्यालय में भी सफाई किया है। वे बच्चे स्काउट-गाइड के है और इनके पाठयक्रम में यह शामिल है। जिसके तहत ही इन्होंने यह कार्य किया है। इसे अन्यथा में लेने की जरूरत नहीं है। - देवेंद्र कुमार पांडेय, बीएसए, आजमगढ़।

जाफरपुर उच्च प्राथमिक विद्यलाय में सफाई करते बच्चें।- फोटो : AZAMGARH
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