आजमगढ़। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ की बैठक रविवार को शिब्ली नेशनल इंटर कॉलेज आजमगढ़ के सभागार में जिलाध्यक्ष बृजेश राय की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मुख्य रूप से पुरानी पेंशन सहित शिक्षक समस्याओं एवं संगठन विस्तार पर चर्चा हुई।
संगठन के प्रदेश महामंत्री इंद्रासन सिंह ने कहा कि केंद्र से लेकर प्रदेश तक की सरकारें जन सामान्य की शिक्षा के लिए स्थापित शिक्षण संस्थाओं का अस्तित्व पूरी तरह से समाप्त करने पर आमादा हैं। हमने आंदोलन एवं संघर्षों से अर्जित अनेक उपलब्धियों को खो दिया। पुरानी पेंशन अप्रैल 2005 से एक पक्षीय रूप से समाप्त कर दी गई, इसके लिए प्रत्येक स्तर से शिक्षकों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। ध्रुव मित्र शास्त्री एवं दिवाकर तिवारी ने कहा कि आज पूरा शिक्षक समाज गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है। इसको बचाने के लिए शिक्षकों को संगठनात्मक शक्ति प्रदान करने की जरूरत है। जिलाध्यक्ष बृजेश राय ने कहा कि जिले में एनपीएस का प्राण खाते में न जाना एक गंभीर समस्या बनी हुई है। प्रत्येक शिक्षकों का लाखों लाख रुपया उनके प्रान खाते में ना जाने से सेवानिवृत्त एवं मृत शिक्षकों के सामने पेंशन की गंभीर समस्या हो गई है। इसके अतिरिक्त शिक्षा विभाग का कार्यालय भ्रष्टाचार के आकंठ में डूब गया है। इसके लिए शिक्षकों को एकजुट होकर संगठन को मजबूत करना होगा। साथ ही प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 25 अगस्त को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर समस्याओं के समाधान के लिए एक दिवसीय धरना प्रस्तावित है। जिसमें सभी शिक्षकों को अपनी पूरी ताकत के साथ सफल बनाते हुए प्रतिभाग करना होगा। यदि जनपद स्तर के शिक्षकों एवं कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान 25 अगस्त तक नहीं हुआ तो जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना अनवरत जारी रहेगा। जिला मंत्री विजय कुमार सिंह ने प्रत्येक इकाई की समस्याओं को लिपिबद्ध किया तथा उनका शीघ्र समाधान कराने की बात कही। इस मौके पर कोषाध्यक्ष परशुराम यादव, मुन्नू यादव, रविंद्र राय, कमलेश राय, आनंद यादव, ऋषिकेश मिश्र, दुखंती यादव, अरुण राय, देवेंद्र पांडेय, डा. रमाकर सिंह आदि उपस्थित थे।