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गन्ना रहते बंद हुई चीनी मिल तो होगी कार्रवाई
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आजमगढ़। किसानों के लिए राहत भरी खबर है। अब दि किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव 27 फरवरी को नहीं बंद होगी। जब तक किसानों के पास गन्ना रहेगा और आपूर्ति करते रहेंगे तब तक मिल को बंद नहीं किया जाएगा। यदि मिल प्रबंधन ऐसा करता है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उक्त बाते जिला गन्ना अधिकारी अशर्फी लाल ने कही। उन्होंने कहा कि मिल बंद होने से पहले मिल प्रबंधन को तीन बार नोटिस जारी करनी होगी। जब तक वह एनओसी नहीं देंगे तब तक मिल नहीं बंद की जाएगी।
दि किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव 27 फरवरी से पेराई बंद कर देगा। मिल प्रबंधन ने इसके लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जबकि गन्ना पेराई लक्ष्य से अभी कोसों दूर है। पेराई सत्र वर्ष 2020-21 में 47 लाख 600 क्विंटल गन्ना क्रशिंग का लक्ष्य तय किया गया था। जिसके सापेक्ष अभी तक मिल में मात्र 22 लाख 70 हजार छह क्विंटल ही गन्ना क्रशिंग कर पाया है। मिल गेट को छोड़ टोटल 37 क्रय केंद्रों पर पहले ही पर्ची फ्री कर बंद करने की प्रक्रिया चल रही है। अब मिल गेट पर मैसेज देकर 27 फरवरी को पूर्ण रूप से सीजन समाप्त करने की घोषणा कर दी गई है। सर्वे के अनुसार आठ लाख क्विंटल गन्ना मिलने की उम्मीद जताई गई थी लेकिन मात्र चार लाख क्विंटल गन्ना मिला। वहीं किसानों ने मिल बंद होने के फैसले को गलत ठहरा रहे हैं। अभी बहुतायत किसानों का गन्ना खेत में ही पड़ा है।
अभी कई क्षेत्रों में किसानों का गन्ना आपूर्ति नहीं हुआ है। मिल को अभी और गन्ना मिलेगा। ऐसे में चीनी मिल नहीं बंद किया जाएगा। मिल बंद होने से पहले तीन नोटिस जारी करनी होगी। इसके बाद हमारे द्वारा एक सर्वे किया जाएगा। इसके बाद उन्हें एनओसी दिया जाएगा। तब वह मिल बंद कर पाएंगे। यदि गन्ना रहते मिल बंद की गई तो मिल प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी।
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अशर्फी लाल, जिला गन्ना अधिकारी, आजमगढ़।
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दि किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव 27 फरवरी से पेराई बंद कर देगा। मिल प्रबंधन ने इसके लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। जबकि गन्ना पेराई लक्ष्य से अभी कोसों दूर है। पेराई सत्र वर्ष 2020-21 में 47 लाख 600 क्विंटल गन्ना क्रशिंग का लक्ष्य तय किया गया था। जिसके सापेक्ष अभी तक मिल में मात्र 22 लाख 70 हजार छह क्विंटल ही गन्ना क्रशिंग कर पाया है। मिल गेट को छोड़ टोटल 37 क्रय केंद्रों पर पहले ही पर्ची फ्री कर बंद करने की प्रक्रिया चल रही है। अब मिल गेट पर मैसेज देकर 27 फरवरी को पूर्ण रूप से सीजन समाप्त करने की घोषणा कर दी गई है। सर्वे के अनुसार आठ लाख क्विंटल गन्ना मिलने की उम्मीद जताई गई थी लेकिन मात्र चार लाख क्विंटल गन्ना मिला। वहीं किसानों ने मिल बंद होने के फैसले को गलत ठहरा रहे हैं। अभी बहुतायत किसानों का गन्ना खेत में ही पड़ा है।
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अभी कई क्षेत्रों में किसानों का गन्ना आपूर्ति नहीं हुआ है। मिल को अभी और गन्ना मिलेगा। ऐसे में चीनी मिल नहीं बंद किया जाएगा। मिल बंद होने से पहले तीन नोटिस जारी करनी होगी। इसके बाद हमारे द्वारा एक सर्वे किया जाएगा। इसके बाद उन्हें एनओसी दिया जाएगा। तब वह मिल बंद कर पाएंगे। यदि गन्ना रहते मिल बंद की गई तो मिल प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी।
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अशर्फी लाल, जिला गन्ना अधिकारी, आजमगढ़।