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Azamgarh News: एसटीपी का ट्रायल शुरू, 2000 नालियों को सीवर लाइन से जोड़ना अभी बाकी
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आजमगढ़। शहर से सटे पठखौली गांव में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन तय समय में सीवर लाइन से घरों के 2000 नालियों को नहीं जोड़ा जा सका। उधर, ट्रायल के रूप में एसटीपी का संचालन शुरू कर दिया गया है। तीन एमएलडी पानी शोधित हो रहा है। एसटीपी के सभी कार्य को पूरा करने का समय बढ़ा दिया गया है।
आजमगढ़ शहर तमसा नदी से तीन तरफ से घिरा है। शहर से निकलने वाले नालों का पानी तमसा नदी में गिरता है। इससे तमसा का पानी प्रदूषित होता है। गंदे पानी को ट्रीटमेंट कर तमसा नदी में छोड़ने के लिए तीन एसटीपी का निर्माण होना है। शहर से सटे पठखौली गांव में 42.21 करोड़ की लागत से आठ एमएलडी की एक एसटीपी बनाने की शासन से स्वीकृति मिली। अन्य दो एसटीपी के लिए अभी जमीन की तलाश की जा रही है। पठखौली में शासन से स्वीकृति मिलने के बाद जनवरी 2022 में इस पर काम भी शुरू हो गया। वर्तमान में पठखौली गांव में एसटीपी का निर्माण और शहर में सीवर लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है। अब सीवर लाइन से वार्डों की 6153 नालियों को चैंबर बनाकर जोड़ना है, ताकि नालियों का गंदा पानी सीवर लाइन से एसटीपी में पहुंचे और वहां से ट्रीटमेंट होने के बाद तमसा नदी में छोड़ा जाए। इन सभी कार्यों को बीते फरवरी में ही पूरा कर लेना था, लेकिन नहीं हो पा पाया। अभी तक विभाग के ठेकेदार 4100 नालियों को ही सीवर लाइन से जोड़ पाएं हैं। दो हजार नालियों को सीवर लाइन से जोड़ने का काम बाकी रह गया है। सीवर लाइन चोक होने से यह काम पूरा नहीं हुआ। अब मार्च के अंत तक इसे पूरा करने की बात कही जा रही है। उधर एसटीपी को ट्रायल के रूप से संचालित किया जा रहा है। लगभग तीन एमएलडी पानी शोधित हो रहा है। इसे धर्मू नाले के माध्यम से तमसा नदी में छोड़ा जा रहा है।
सीवर लाइन से 6153 नालों को चैंबर बनाकर जोड़ा जाना है। इसे फरवरी में पूरा किया जाना था। अभी 4100 नालियों को जोड़ा गया है। कार्य तेजी से चल रहा है मार्च तक बचे कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। अभी तीन एमएलडी सीवेज शोधित हो रहा है। - जियाउल हक, अधिशासी अभियंता जल निगम नगरीय।
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आजमगढ़ शहर तमसा नदी से तीन तरफ से घिरा है। शहर से निकलने वाले नालों का पानी तमसा नदी में गिरता है। इससे तमसा का पानी प्रदूषित होता है। गंदे पानी को ट्रीटमेंट कर तमसा नदी में छोड़ने के लिए तीन एसटीपी का निर्माण होना है। शहर से सटे पठखौली गांव में 42.21 करोड़ की लागत से आठ एमएलडी की एक एसटीपी बनाने की शासन से स्वीकृति मिली। अन्य दो एसटीपी के लिए अभी जमीन की तलाश की जा रही है। पठखौली में शासन से स्वीकृति मिलने के बाद जनवरी 2022 में इस पर काम भी शुरू हो गया। वर्तमान में पठखौली गांव में एसटीपी का निर्माण और शहर में सीवर लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है। अब सीवर लाइन से वार्डों की 6153 नालियों को चैंबर बनाकर जोड़ना है, ताकि नालियों का गंदा पानी सीवर लाइन से एसटीपी में पहुंचे और वहां से ट्रीटमेंट होने के बाद तमसा नदी में छोड़ा जाए। इन सभी कार्यों को बीते फरवरी में ही पूरा कर लेना था, लेकिन नहीं हो पा पाया। अभी तक विभाग के ठेकेदार 4100 नालियों को ही सीवर लाइन से जोड़ पाएं हैं। दो हजार नालियों को सीवर लाइन से जोड़ने का काम बाकी रह गया है। सीवर लाइन चोक होने से यह काम पूरा नहीं हुआ। अब मार्च के अंत तक इसे पूरा करने की बात कही जा रही है। उधर एसटीपी को ट्रायल के रूप से संचालित किया जा रहा है। लगभग तीन एमएलडी पानी शोधित हो रहा है। इसे धर्मू नाले के माध्यम से तमसा नदी में छोड़ा जा रहा है।
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सीवर लाइन से 6153 नालों को चैंबर बनाकर जोड़ा जाना है। इसे फरवरी में पूरा किया जाना था। अभी 4100 नालियों को जोड़ा गया है। कार्य तेजी से चल रहा है मार्च तक बचे कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। अभी तीन एमएलडी सीवेज शोधित हो रहा है। - जियाउल हक, अधिशासी अभियंता जल निगम नगरीय।
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