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राधा-कृष्ण मंदिर से चोरी अष्ट धातु की मूर्ति हुई बरामद
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सगड़ी। अजमतगढ़ कस्बे की राम वाटिका के मंदिर से चोरी हुई अष्टधातु की राधा-कृष्ण की मूर्ति चोर शनिवार को भोर में मंदिर के मुख्य द्वार पर रख गए। सुबह फूल तोड़ने वाटिका पर पहुंचे लोगों ने मूर्ति देखी तो पुलिस को सूचित किया। पुलिस व फोरेंसिंक टीम ने कुछ लोगों का मौके पर फिंगर प्रिंट आदि लिया। इसके बाद मूर्ति लेकर थाने चली गई।
राम वाटिका में अजमतगढ़ स्टेट की ओर से राधा-कृष्ण मंदिर का निर्माण कराया गया था। मंदिर में राधाकृष्ण की अष्ट धातु की मूर्ति स्थापित की गई थी। बृहस्पतिवार की रात चोर जाली कट कर मूर्ति उठा ले गए। शुक्रवार की सुबह सफाई करने वाली महिला पहुंची तो मूर्ति गायब थी। उसने इसकी सूचना अजमतगढ़ स्टेट के अधिकारियों को दी। पुलिस को सूचित किया गया। एसपी ग्रामीण सिद्धार्थ, सीओ महेंद्र शुक्ला के अलावा जीयनपुर कोतवाली पुलिस, डॉग स्क्वॉड व फोरेसिंक टीम ने जांच की। दिन भर इस मामले में तफ्तीश चलती रही।
शनिवार की सुबह राधेश्याम व जगदीश नामक ग्रामीण फूल तोड़ने वाटिका पर पहुंचे तो मंदिर गेट पर ही मूर्ति देखी। जानकारी होने पर अजमतगढ़ स्टेट परिवार के सदस्य, पुलिस व फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। फोरेंसिक टीम ने मंदिर की देखरेख करने वाले अजमतगढ़ स्टेट परिवार के गोपाल अग्रवाल, कन्हैया अग्रवाल व गायत्री अग्रवाल के साथ ही कुछ अन्य लोगों के फिंगर प्रिंट लिए। मूर्ति को कपड़े में लपेट कर थाने ले आई। बताया जा रहा है कि इस मंदिर से राधा-कृष्ण की अष्ट धातु की मूर्ति लगभग 35 साल पहले भी चोरी हुई थी। मूर्तियां बरामद होने के बाद फिर मंदिर में स्थापित की गई थी।
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मूर्तियां बरामद हो गई है। किसने चोरी की थी इसका पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जांच की कवायद में महकमा जुटा हुआ है। जल्द ही चोरों का भी पता लगा लिया जाएगा।-महेंद्र शुक्ला, सीओ सगड़ी
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राम वाटिका में अजमतगढ़ स्टेट की ओर से राधा-कृष्ण मंदिर का निर्माण कराया गया था। मंदिर में राधाकृष्ण की अष्ट धातु की मूर्ति स्थापित की गई थी। बृहस्पतिवार की रात चोर जाली कट कर मूर्ति उठा ले गए। शुक्रवार की सुबह सफाई करने वाली महिला पहुंची तो मूर्ति गायब थी। उसने इसकी सूचना अजमतगढ़ स्टेट के अधिकारियों को दी। पुलिस को सूचित किया गया। एसपी ग्रामीण सिद्धार्थ, सीओ महेंद्र शुक्ला के अलावा जीयनपुर कोतवाली पुलिस, डॉग स्क्वॉड व फोरेसिंक टीम ने जांच की। दिन भर इस मामले में तफ्तीश चलती रही।
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शनिवार की सुबह राधेश्याम व जगदीश नामक ग्रामीण फूल तोड़ने वाटिका पर पहुंचे तो मंदिर गेट पर ही मूर्ति देखी। जानकारी होने पर अजमतगढ़ स्टेट परिवार के सदस्य, पुलिस व फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। फोरेंसिक टीम ने मंदिर की देखरेख करने वाले अजमतगढ़ स्टेट परिवार के गोपाल अग्रवाल, कन्हैया अग्रवाल व गायत्री अग्रवाल के साथ ही कुछ अन्य लोगों के फिंगर प्रिंट लिए। मूर्ति को कपड़े में लपेट कर थाने ले आई। बताया जा रहा है कि इस मंदिर से राधा-कृष्ण की अष्ट धातु की मूर्ति लगभग 35 साल पहले भी चोरी हुई थी। मूर्तियां बरामद होने के बाद फिर मंदिर में स्थापित की गई थी।
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मूर्तियां बरामद हो गई है। किसने चोरी की थी इसका पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जांच की कवायद में महकमा जुटा हुआ है। जल्द ही चोरों का भी पता लगा लिया जाएगा।-महेंद्र शुक्ला, सीओ सगड़ी