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भूखे रहकर स्टेशन मास्टरों ने ट्रेनों का किया संचालन
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आजमगढ़। आदर्श रेलवे स्टेशन सहित अन्य रेलवे स्टेशन मास्टर भूखे रहकर स्टेशन मास्टरों ने ट्रेनों का संचालन किया। हालांकि स्टेशन अधीक्षक व मास्टर पिछले 10 दिन से ऑल इंडिया रेलवे स्टेशन मास्टर एसोसिएशन के नेतृत्व में काली रिबन बांधकर काम कर विरोध जताया लेकिन सरकार पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। इस वजह को लेकर देशभर के पूरे स्टेशन मास्टर शनिवार को भूखे रहकर ट्रेनों का संचालन किया।
स्टेशन मास्टर बृजेंद्र सिंह ने बताया कि देश भर के स्टेशन मास्टर सात अक्टूबर से संघर्षरत है, नाइट ड्यूटी सीलिंग लिमिट 43 हजार 600 कर दी गई थी, स्टेशन मास्टर्स इस आदेश का विरोध कर रहे हैं। साथ ही उनकी मांग है कि एक जुलाई 2017 से रिकवरी के आदेश वापस लिया जाए, ओपन लाइन स्टाफ को 50 लाख का जीवन बीमा दिया जाए, रेलवे का निजी करण एवं निगमीकरण बंद किया जाए। प्रथम चरण में एस्मा के पदाधिकारियों द्वारा रेलवे बोर्ड के अधिकारियों को ई-मेल भेजकर के विरोध जताया गया। दूसरे चरण में पूरे भारतवर्ष के स्टेशन मास्टरों ने 15 अक्तूबर को रात्रि ड्यूटी शिफ्ट में स्टेशन पर मोमबत्ती जलाकर विरोध किया गया, तीसरे चरण का विरोध प्रदर्शन ट्रेन संचालन को सुचारू रूप से रखते हुए 20 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक एक सप्ताह तक काला बैज लगा कर ट्रेन संचालन किया गया लेकिन प्रशासन ने अभी भी स्टेशन मास्टरों के हित मे निर्णय नहीं लिया है और नवंबर माह में भुगतान होने वाले नाइट ड्यूटी एलाउंस में कटौती कर दी गई है। अब चौथे चरण में शनिवार को समस्त स्टेशन मास्टर ऑन ड्यूटी एवं ऑफ ड्यूटी 12 घंटे भूखे रहकर ट्रेन संचालन किया। स्टेशन अधीक्षक डीबी सिंह, बृजेंद्र सिंह, भूपेंद्र वीर सिंह, महेंद्र प्रजापति व अरविंद कुमार सहित आदि उपस्थित थे।
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स्टेशन मास्टर बृजेंद्र सिंह ने बताया कि देश भर के स्टेशन मास्टर सात अक्टूबर से संघर्षरत है, नाइट ड्यूटी सीलिंग लिमिट 43 हजार 600 कर दी गई थी, स्टेशन मास्टर्स इस आदेश का विरोध कर रहे हैं। साथ ही उनकी मांग है कि एक जुलाई 2017 से रिकवरी के आदेश वापस लिया जाए, ओपन लाइन स्टाफ को 50 लाख का जीवन बीमा दिया जाए, रेलवे का निजी करण एवं निगमीकरण बंद किया जाए। प्रथम चरण में एस्मा के पदाधिकारियों द्वारा रेलवे बोर्ड के अधिकारियों को ई-मेल भेजकर के विरोध जताया गया। दूसरे चरण में पूरे भारतवर्ष के स्टेशन मास्टरों ने 15 अक्तूबर को रात्रि ड्यूटी शिफ्ट में स्टेशन पर मोमबत्ती जलाकर विरोध किया गया, तीसरे चरण का विरोध प्रदर्शन ट्रेन संचालन को सुचारू रूप से रखते हुए 20 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक एक सप्ताह तक काला बैज लगा कर ट्रेन संचालन किया गया लेकिन प्रशासन ने अभी भी स्टेशन मास्टरों के हित मे निर्णय नहीं लिया है और नवंबर माह में भुगतान होने वाले नाइट ड्यूटी एलाउंस में कटौती कर दी गई है। अब चौथे चरण में शनिवार को समस्त स्टेशन मास्टर ऑन ड्यूटी एवं ऑफ ड्यूटी 12 घंटे भूखे रहकर ट्रेन संचालन किया। स्टेशन अधीक्षक डीबी सिंह, बृजेंद्र सिंह, भूपेंद्र वीर सिंह, महेंद्र प्रजापति व अरविंद कुमार सहित आदि उपस्थित थे।
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