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कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान पूर्वांचल और गोरखपुर लिंक के लिए खोला खजाना
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आजमगढ़। प्रदेश के पिछड़े जनपदों को विकास के रास्ते पर लाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से सोमवार को पेश किए गए बजट में कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया गया है। बजट मे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए 1107 करोड़ और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए 860 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। 22494.66 करोड़ से लखनऊ से आजमगढ़ होते हुए गाजीपुर तक बन रहे सिक्सलेन के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और 5876.67 करोड़ (भूमि सहित) की लागत से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से गोरखपुर को जोड़ने के लिए लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के मुख्य कैरिजवे को सीएम ने मार्च तक आवागमन के लिए खोलने की घोषणा पिछले दिनों की गई थी। वहीं, इसे पूर्ण करने की समय सीमा अक्तूबर 2021 है।
पूर्वांचल की लाइफलाइन कहे जाने वाले लखनऊ के चांद सराय से गाजीपुर के हैदरिया तक बनने वाले 340 किमी लंबे छह लेन के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का लगभग 84 किमी का हिस्सा जनपद से होकर गुजर रहा है। ये जनपद में फूलपुर के खंडौरा से प्रवेश करता है और सदर तहसील के केरमा गांव से मऊ जनपद में प्रवेश कर जाता है। परियोजना के लिए कुल 1020.83 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता थी। इसमें 112.66 हेक्टेयर भूमि ग्राम समाज और सरकारी थी। इसमें ग्राम समाज की भूमि के लिए 39.97 करोड़ रुपये उसके खाते में जमा कराए जा चुके हैं। इसके अलावा निर्माण शुरू होने के बाद 11 हेक्टेयर भूमि अतिरिक्त ली गई है। जनपद में परियोजना का कार्य तीन पैकेज (5, 6, 7) में हो रहा है। मार्च में एक्सप्रेसवे को खोलने की घोषणा की गई है। 78 फीसदी काम पूरा हो चुका है। एक्सप्रेसवे के खुलने से यहां के लोगों के लिए लखनऊ और दिल्ली तक आवागमन को न सिर्फ नया विकल्प मिलेगा बल्कि दोनों ही महानगरों की दूरी भी घट जाएगी। एक्सप्रेसवे के बनने के बाद लखनऊ की दूरी ढाई घंटे और दिल्ली की दूरी 8 घंटे में पूरी होने का दावा किया जा रहा है। वहीं, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से गोरखपुर को जोड़ने के लिए लिंक एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है। 5876.67 करोड़ (भूमि सहित) की लागत से इस पर कार्य हो रहा है। जनपद के फूलपुर के दो गांव और बूढ़नपुर के 39 गांव से ये परियोजना गुजर रही है।इस परियोजना से गोरखपुर, आजमगढ़, अंबेडकरनगर, संत कबीरनगर जनपद जुड़ेंगे। परियोजना को दो पैकेजों में विभक्त किया गया है। कुल अनुमानित लंबाई 91.35 किमी है।
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पूर्वांचल की लाइफलाइन कहे जाने वाले लखनऊ के चांद सराय से गाजीपुर के हैदरिया तक बनने वाले 340 किमी लंबे छह लेन के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का लगभग 84 किमी का हिस्सा जनपद से होकर गुजर रहा है। ये जनपद में फूलपुर के खंडौरा से प्रवेश करता है और सदर तहसील के केरमा गांव से मऊ जनपद में प्रवेश कर जाता है। परियोजना के लिए कुल 1020.83 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता थी। इसमें 112.66 हेक्टेयर भूमि ग्राम समाज और सरकारी थी। इसमें ग्राम समाज की भूमि के लिए 39.97 करोड़ रुपये उसके खाते में जमा कराए जा चुके हैं। इसके अलावा निर्माण शुरू होने के बाद 11 हेक्टेयर भूमि अतिरिक्त ली गई है। जनपद में परियोजना का कार्य तीन पैकेज (5, 6, 7) में हो रहा है। मार्च में एक्सप्रेसवे को खोलने की घोषणा की गई है। 78 फीसदी काम पूरा हो चुका है। एक्सप्रेसवे के खुलने से यहां के लोगों के लिए लखनऊ और दिल्ली तक आवागमन को न सिर्फ नया विकल्प मिलेगा बल्कि दोनों ही महानगरों की दूरी भी घट जाएगी। एक्सप्रेसवे के बनने के बाद लखनऊ की दूरी ढाई घंटे और दिल्ली की दूरी 8 घंटे में पूरी होने का दावा किया जा रहा है। वहीं, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से गोरखपुर को जोड़ने के लिए लिंक एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है। 5876.67 करोड़ (भूमि सहित) की लागत से इस पर कार्य हो रहा है। जनपद के फूलपुर के दो गांव और बूढ़नपुर के 39 गांव से ये परियोजना गुजर रही है।इस परियोजना से गोरखपुर, आजमगढ़, अंबेडकरनगर, संत कबीरनगर जनपद जुड़ेंगे। परियोजना को दो पैकेजों में विभक्त किया गया है। कुल अनुमानित लंबाई 91.35 किमी है।
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