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धूम्रपान अपने ही नहीं, समाज के लिए खतरा

Wed, 10 Mar 2021 11:19 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 10 Mar 2021 11:19 PM IST
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Smoking is a threat to society, not our own
आजमगढ़। लगभग नौ लाख भारतीय तम्बाकू सेवन से मरते हैं। ये क्षय रोग, एड्स या फिर मलेरिया जैसी घातक बिमारियों से प्रति वर्ष मरने वालों की संख्या से भी कहीं ज्यादा है। धूम्रपान करने वाला व्यक्ति न सिर्फ खुद के लिए बल्कि समाज के लिए भी कैंसर का खतरा पैदा करता है। उक्त बातें एडिशनल सीएमओ डॉ. वाईके राय ने सीएमओ सभागार में ऽनो स्मोकिंग डेऽ पर कहीं।
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उन्होंने एक आंकड़ा देते हुए युवाओं की धूम्रपान के प्रति बढ़ती लत पर चिंता जताई। डॉ. राय ने बताया कि प्रतिदिन देश में 2200 से अधिक इंसानों की जान सिफ़ॱर इसके सेवन से जाती है। हर व्यक्ति जानता है कि धूम्रपान करना कितना हानिकारक है। सार्वजनिक स्थानों पर इसके दुष्प्रभावों को दिखाते हुए प्रचार प्रसार भी हो रहा है। फिर भी युवा शक्ति इससे जानते समझते भी अनजान बनी हुई है। यदि एक व्यक्ति इसके सेवन की वजह से कैंसर जैसी गंभीर बिमारी का शिकार हो गया तो ये मान कर चलिए कि उसके घर का 10-15 लाख रुपया अस्पताल में ही चला जाएगा।उससे सीधे जुड़े पारिवारिक सदस्यों पर जो विपत्ति आएगी वो अलग है।कैंसर से पीड़ित व्यक्ति का दर्द कितना असहनीय होता है इसे वही बता सकता है। प्रति सौ लोगों के कैंसर से मौत के कारणों में 40% इसी धूम्रपान की वजह से होता है। इसके अलावा गंभीर मानसिक बीमारियां अलग ही भयावह परिस्थितिया पैदा करती हैं। गोष्ठी को प्रभारी प्रचार प्रसार मनीष तिवारी, डीसीपीएम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन विपिन बिहारी पाठक सहित अन्य लोगों ने भी संबोधित किया।
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