{"_id":"53808a056a28a78a7f87dafc2fa50256","slug":"sheet-sent-to-the-directorate-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निदेशालय को भेजा पत्रक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निदेशालय को भेजा पत्रक
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Wed, 24 Dec 2014 11:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विभिन्न मांगों को लेकर सोशल आडिट टीम सदस्य संघ द्वारा जिलाधिकारी के माध्यम से निदेशक सोशल आडिट निदेशालय ग्राम्य विकास विभाग लखनऊ को मांग पत्र सौंपा गया।
जिलाध्यक्ष रत्नेश गुप्ता ने कहा कि सोशल आडिट टीम के सदस्यों का पुन: नवीनीकरण किया जाए। इससे शासन केे धन और समय की बचत होगी क्योंकि वे शासन के निदेशालय द्वारा प्रशिक्षित किए गए हैं।
टीम के मदाों की जांच के समय अभिलेख उपलब्ध नहीं रहता है। अभिलेख के रूप में केवल नरेगा जाबकार्ड धारकों की सूची इंटरनेट से निकालकर दी जाती है। ग्र्राम पंचायत के आडिट के समय ग्राम विकास अधिकारी, तकनीकि अधिकारी और पर्यवेक्षक मौजूद नहीं रहते हैं। उन्होंने कहा कि सोशल आडिट टीम के सदस्यों को अभी तक कोई मानदेय नहीं मिला है। इस मौके पर धर्मेंद्र जायसवाल, आशीष राय, ओमकार मौर्य, श्रद्धानंद यादव, सुनील कुमार, अबूजर अहमद, संजय यादव, मोहन सिंह आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष रत्नेश गुप्ता ने कहा कि सोशल आडिट टीम के सदस्यों का पुन: नवीनीकरण किया जाए। इससे शासन केे धन और समय की बचत होगी क्योंकि वे शासन के निदेशालय द्वारा प्रशिक्षित किए गए हैं।
विज्ञापन
टीम के मदाों की जांच के समय अभिलेख उपलब्ध नहीं रहता है। अभिलेख के रूप में केवल नरेगा जाबकार्ड धारकों की सूची इंटरनेट से निकालकर दी जाती है। ग्र्राम पंचायत के आडिट के समय ग्राम विकास अधिकारी, तकनीकि अधिकारी और पर्यवेक्षक मौजूद नहीं रहते हैं। उन्होंने कहा कि सोशल आडिट टीम के सदस्यों को अभी तक कोई मानदेय नहीं मिला है। इस मौके पर धर्मेंद्र जायसवाल, आशीष राय, ओमकार मौर्य, श्रद्धानंद यादव, सुनील कुमार, अबूजर अहमद, संजय यादव, मोहन सिंह आदि रहे।
विज्ञापन