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UP Chunav 2022: आजमगढ़ में निर्दल प्रत्याशियों को नहीं मिलती खास तवज्जो, अबतक के इतिहास में सिर्फ छह जीते

Fri, 25 Feb 2022 04:15 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़ Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Fri, 25 Feb 2022 04:15 PM IST
सार

आजमगढ़ में आजतक छह लोग ही अपने दम पर विधायक बने हैं। इस विधानसभा चुनाव में क्या बदलेगा इतिहास?

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UP Assembly election 2022 azamgarh Seventeen elections passed, only six people became MLAs on their own
नेता - फोटो : फाइल

विस्तार

आजादी के बाद जिले में अबतक विधानसभा के 17 चुनाव हो चुके हैं। अगर इन चुनावों पर गौर करें तो अब तक छह निर्दल प्रत्याशियों ने अपने दम पर जीत हासिल की है। इस बार 18वीं विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक चौसर बिछ गई है।

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पार्टी प्रत्याशियों के साथ ही निर्दल प्रत्याशी भी लोगों के बीच अपनी जबरदस्त उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इस बार भी विधानसभा चुनाव में निर्दल प्रत्याशियों की संख्या अच्छी खासी है। मैदान में उतरे निर्दल प्रत्याशियों को मतदाता कोई खास तवज्जो नहीं दे रहे हैं।
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अबतक हुए 17 विधानसभा चुनावों में छह बार ऐसा मौका आया जब लोगों ने पार्टी से ज्यादा भरोसा निर्दल प्रत्याशी पर जताकर उन्हें जीत दर्ज दिलाई। 1951 के चुनाव में जब लालगंज नार्थ सीट हुआ करती थी तब इस सीट से तेज बहादुर निर्दल प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे थे और जीत हासिल की थी।

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उन्होंने केएमपीपी (किसान मजदूर प्रजा पार्टी) के दलजीत को हराया। इसके बाद 1957 के चुनाव में जब यह सीट लालगंज सुरक्षित सीट हो गई तो तो भी तेज बहादुर ने इस सीट पर निर्दल प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की थी। उन्होंने कांग्रेस के धन्नीराम को हराया था।

1957 में सगड़ी विधानसभा सीट से इंद्र बहादुर ने निर्दल प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की थी। उन्होंने सीपीआई के शंभू नरायन को पराजित किया था। 1985 में आजमगढ़ विधानसभा सीट पर दुर्गा प्रसाद यादव ने निर्दल प्रत्याशी के रूप में पहली जीत हासिल की थी। उन्होंने कांग्रेस के जगपति राय को पराजित कर इस सीट पर कब्जा जमाया था।

इसके बाद 1985 में मुबारकपुर विधानसभा सीट से हफीज भारती ने जीत हासिल की। उन्होंने जनता पार्टी के यशवंत को हराया था। 1989 में गोपालपुर विधानसभा सीट से गोमती यादव ने जीत हासिल की थी और बसपा के रामप्यारे को हराया था।

निर्दल प्रत्याशी के रूप में जीतने वाले लोग

वर्ष विधानसभा जीत हारे
1951 लालगंज नार्थ तेज बहादुर (निर्दल) दलजीत (केएमपीपी)
1957 लालगंज सुरक्षित तेज बहादुर (निर्दल) धन्नी राम (कांग्रेस)
1957 सगड़ी इंद्र बहादुर (निर्दल) शंभू नरायन (सीपीआई)
1985 आजमगढ़ दुर्गा प्रसाद यादव (निर्दल) जगपति राय (कांग्रेस)
1985 मुबारकपुर हफीज अहमद (निर्दल) यशवंत (जनता पार्टी)
1989 गोपालपुर गोमती यादव (निर्दल) रामप्यारे (बसपा)

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