{"_id":"614a1ed48ebc3e6990788be4","slug":"seven-doctors-and-employees-absent-salary-will-be-deducted-azamgarh-news-vns6129432181","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात चिकित्सक व कर्मचारी गैरहाजिर, कटेगा वेतन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात चिकित्सक व कर्मचारी गैरहाजिर, कटेगा वेतन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने जनपद में चिकित्सा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के उद्देश्य से मंगलवार को लालगंज स्थित सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कुल सात चिकित्साधिकारियों एवं कर्मचारियों के अनुपस्थित पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। साथ ही सभी कर्मचारियों का अनुपस्थित तिथि का वेतन काटने तथा स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत को निरीक्षण के समय जानकारी मिली कि उक्त स्वास्थ्य केंद्र पर प्रभारी चिकित्साधिकारी के अतिरिक्त कुल 55 चिकित्सक एवं कर्मचारी तैनात हैं। जिसमें 32 नियमित एवं 23 संविदा के हैं। तैनात चिकित्साधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति के निरीक्षण में पाया गया कि अनुपस्थित चिकित्साधिकारी डा. दीपक प्रजापति को मईखरगपुर में कैंप करना बताया। जबकि बीएचडब्ल्यू रवि आर्या के लगातार अनुपस्थित रहने के संबंध में उनके पिता के हार्ट का आपरेशन होना बताया गया। लेकिन दोनों की अनुपस्थिति के संबंध में कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। इसी प्रकार चिकित्साधिकारी डा.सुनील दत्त राम, डा.फणीश कुमार, डा. आनंद कुमार, डा. अमर बहादुर सिंह एवं एचईओ प्रियंका सिंह भी अनुपस्थित मिले। निरीक्षण में पाया गया चिकित्साधिकारी डा. अमर बहादुर सिंह, जिनकी ड्यूटी सोमवार को इमरजेंसी की लगाई गयी है, इस माह में लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं। जबकि इसके बावजूद इन्हें अनुपस्थित भी नहीं किया गया है। मंडलायुक्त ने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि सोमवार को इमरजेंसी में किसी के द्वारा ड्यूटी नहीं की जाती है। उन्होंने प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. मनोज कुमार की घोर लापरवाही माना तथा तत्काल अपेक्षित सुधार लाने के लिए निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने सीएचसी के स्टोर रूम का भी निरीक्षण किया। जिसमें मौके पर मौजूद दवाओं और रजिस्टर के अंकन में गंभीर अनियमितता पाई गयी। महिला वैक्सीनेशन वार्ड में वैक्सीनेशन होना भी नहीं पाया गया। इसके अलावा जननी सुरक्षा योजना के निरीक्षण में पाया गया कि एक लाभार्थी छाया पत्नी अजीत का भुगतान अप्रैल 2020 से रुका हुआ है, जबकि एक अन्य लाभार्थी मीना का भी भुगतान लंबित है तथा उनका फार्म भी मौके पर नहीं पाया गया। इस पर उन्होंने बेसिक हेल्थवर्कर पर सख्त नाराजगी व्यक्त किया तथा प्रभारी चिकित्साधिकारी को तत्काल रिव्यू कर सभी कमियों को दूर करने को निर्देशित किया।
विज्ञापन
मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत को निरीक्षण के समय जानकारी मिली कि उक्त स्वास्थ्य केंद्र पर प्रभारी चिकित्साधिकारी के अतिरिक्त कुल 55 चिकित्सक एवं कर्मचारी तैनात हैं। जिसमें 32 नियमित एवं 23 संविदा के हैं। तैनात चिकित्साधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति के निरीक्षण में पाया गया कि अनुपस्थित चिकित्साधिकारी डा. दीपक प्रजापति को मईखरगपुर में कैंप करना बताया। जबकि बीएचडब्ल्यू रवि आर्या के लगातार अनुपस्थित रहने के संबंध में उनके पिता के हार्ट का आपरेशन होना बताया गया। लेकिन दोनों की अनुपस्थिति के संबंध में कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। इसी प्रकार चिकित्साधिकारी डा.सुनील दत्त राम, डा.फणीश कुमार, डा. आनंद कुमार, डा. अमर बहादुर सिंह एवं एचईओ प्रियंका सिंह भी अनुपस्थित मिले। निरीक्षण में पाया गया चिकित्साधिकारी डा. अमर बहादुर सिंह, जिनकी ड्यूटी सोमवार को इमरजेंसी की लगाई गयी है, इस माह में लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं। जबकि इसके बावजूद इन्हें अनुपस्थित भी नहीं किया गया है। मंडलायुक्त ने कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि सोमवार को इमरजेंसी में किसी के द्वारा ड्यूटी नहीं की जाती है। उन्होंने प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. मनोज कुमार की घोर लापरवाही माना तथा तत्काल अपेक्षित सुधार लाने के लिए निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने सीएचसी के स्टोर रूम का भी निरीक्षण किया। जिसमें मौके पर मौजूद दवाओं और रजिस्टर के अंकन में गंभीर अनियमितता पाई गयी। महिला वैक्सीनेशन वार्ड में वैक्सीनेशन होना भी नहीं पाया गया। इसके अलावा जननी सुरक्षा योजना के निरीक्षण में पाया गया कि एक लाभार्थी छाया पत्नी अजीत का भुगतान अप्रैल 2020 से रुका हुआ है, जबकि एक अन्य लाभार्थी मीना का भी भुगतान लंबित है तथा उनका फार्म भी मौके पर नहीं पाया गया। इस पर उन्होंने बेसिक हेल्थवर्कर पर सख्त नाराजगी व्यक्त किया तथा प्रभारी चिकित्साधिकारी को तत्काल रिव्यू कर सभी कमियों को दूर करने को निर्देशित किया।
विज्ञापन