Sawan Special: बेहद रोचक है आजमगढ़ के इस प्राचीन मंदिर की कहानी, सरोवर में स्नान के लिए आती थी परियां
आजमगढ़ के जगदीशपुर गांव स्थित बुढ़िया माता मंदिर इस क्षेत्र में देवी भक्तों के आस्था का केंद्र है। पूरे सावन यहां मेले जैसा नजारा रहता है। विशाल परिसर में स्थापित यह मंदिर वर्तमान में आकर्षक साज सज्जा के चलते काफी प्रसिद्ध है।
विस्तार
यूपी के आजमगढ़ जिले में लखनऊ-बलिया मार्ग पर जगदीशपुर गांव स्थित बुढ़िया माता मंदिर की महिमा अपरंपार है। भक्तों की मान्यता है कि यहां दर्शन मात्र से ही मन्नतें पूरी हो जाती हैं। पूरे सावन यहां मेले जैसा नजारा रहता है। विशाल परिसर में स्थापित यह मंदिर वर्तमान में आकर्षक साज सज्जा के चलते काफी प्रसिद्ध है।
मंदिर के सामने स्थित पोखरा भी काफी विशेष है। लोगों का कहना है कि परियां स्नान के लिए इस पोखरे में आती थीं। परियां जिस सुरंग से आती थी उसे बंद कर दिया गया है, लेकिन उसके निशान आज भी मौजूद हैं। सावन का महीना शुरू होते ही बुढ़िया माता मंदिर में श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी है। सावन की शुरुआत के साथ ही यहां मेले जैसा माहौल हो गया है।
ये भी पढ़ें: काशी में होगा दुनिया के मंदिरों का सम्मेलन, RSS प्रमुख मोहन भागवत करेंगे उद्घाटन
महिलाएं यहां समूह में पहुंचकर कड़ाही चढ़ा रही हैं। मंदिर के सामने स्थित पोखरे के बारे में बताया जाता है कि इसके अंदर से कुंवर नदी तट तक सुरंग बनी हुई है। जिसमें प्राचीन काल में परियों का स्नान के लिए सुरंग के सहारे आवागमन रहता था। हालांकि सुरंग का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया है। लेकिन सुरंग के निशान अभी भी बने हुए हैं।
मंदिर के पुजारी वीरेंद्र उपाध्याय बताते है कि बुढ़िया माता का मंदिर काफी प्राचीन है। समय-समय पर मंदिर की मरम्मत का कार्य किया जाता है। दूर-दूर से लोग यहां लोग दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। यहां लोगों द्वारा मांगी मुरादे अवश्य पूरी होती हैं। शादी-विवाह के मौके पर वर-वधू आशीर्वाद लेने आते है। रात में मंदिर परिसर सतरंगी छठा के बीच लोगों के उत्सुकता का केंद्र रहती है। नवरात्र में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का रेला उमड़ता है।