लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी का जलस्तर दो दिन से घटना शुरू हो गया है। जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वहीं नदी द्वारा तेजी से की जा रही कटान स्थिर होने से किसानों को राहत पहुंची है। जबकि बारिश और पानी के कारण अभ्भनपट्टी संपर्क मार्ग टूट गया है। जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नदी का पानी घटने से ढलान की तरफ दबाव बन रहा है। जिससे महुला गढ़वाल बांध से अभ्भनपट्टी, रोशनगंज, मानिकपुर, देवारा खास राजा, बांका बूढ़नपट्टी के संपर्क मार्ग जगह-जगह टूट गए हैं। जिससे आवागमन बाधित हो गया है। जिस पर बोरी में मिट्टी डालकर डाला जा रहा है और कुछ ईंट के टुकड़े भी डाल कर संपर्क मार्ग चालू करने का प्रयास ग्राम प्रधान द्वारा किया जा रहा है। एसडीएम सगड़ी गौरव कुमार ने बताया कि घाघरा की बाढ़ से प्रभावित सभी गांव के किसानों की उपजाऊ भूमि पर धान और गन्ने की फसल का जो नुकसान हुआ है। उसका सर्वे करने के लिए स्थानीय लेखपाल लगाए गए हैं। लेखपाल सर्वे कर किसानों के फसल नुकसान का आकलन तहसील को देंगे और यह जिले को भेजा जाएगा। फिर उन्हें उचित मुआवजा जल्द से जल्द दिला दिया जाएगा। सोमवार को नदी के जलस्तर में 24 घंटे में बदरहुवा पर 12 और डिघिया पर 15 सेमी घटाव हुआ। जलस्तर घटने के बाद नदी खतरे के निशान से डिघिया नाले पर 21 सेमी ऊपर और बदरहुंआ पर 34 सेमी नीचे बह रही है। घाघरा नदी ने गांगेपुर बगहवा में नदी कटान का दायरा बढ़ाते हुए धान व गन्ने की फसल की कटान तेज कर दिया है। मंगलवार की शाम डिघिया नाले पर नदी का जलस्तर 70.76 मीटर दर्ज किया गया था। जो बुधवार को 15 सेमी घटकर 70.61 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 70.40 मीटर है। मंगलवार को बदरहुंआ गेज पर नदी का जलस्तर 71.46 मीटर दर्ज किया गया था जो बुधवार को 71.37 मीटर हो गया। यहां पर नदी का खतरा बिंदू 71.68 मीटर है।