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Azamgarh News: सरयू का पानी उतरा, बीमारियों का खतरा बढ़ा
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सरयू की बाढ़ का पानी भले ही गांवों से खिसक गया हो, लेकिन अपने पीछे समस्याओं का लंबा सिलसिला छोड़ गया है। बाढ़ के बाद तटवर्ती गांवों में जहां बीमारियों का खतरा बढ़ गया है, वहीं नदी के किनारे कटान भी शुरू हो गई है।
कई स्थानों पर गड्ढों में जमा पानी से दुर्गंध उठ रही है। मौसम में अचानक आए बदलाव और तेज हवा ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब गांवों में जलभराव, दुर्गंध, कटान और बीमारियों का खतरा सामने है।
खेतों में पानी जमा रहने से फसलें प्रभावित हुई हैं। वहीं मौसम के बदले मिजाज ने कमजोर मकानों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित छिड़काव, पशुओं के टीकाकरण और स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजने की मांग की है।
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बाढ़ के बाद कटान शुरू हो गई है। किसानों के खेत कटकर नदी में समाहित हो रहे हैं।
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बाढ़ के कारण गांव की फसल बर्बाद हो गई। अब गांव के पास गड्ढों में पानी जमा है, जिससे दुर्गंध उठ रही है। गांव के उत्तर तरफ सरयू की कटान भी शुरू हो गई है। बाढ़ का पानी भले ही कम हो गया है, लेकिन समस्याएं अभी खत्म नहीं हुई हैं। अब तूफान को लेकर ग्रामीण सशंकित हैं। विनोद सिंह पटेल, सहवदिया।
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बाढ़ का पानी जाने के बाद पिछले दो दिनों से मौसम में अचानक तेज हवा चल रही है। इससे कमजोर मकानों के गिरने की आशंका बनी हुई है। अभी तक पशुओं का टीकाकरण नहीं कराया गया है और न ही गांवों में कीटनाशक व बीमारी से बचाव के लिए छिड़काव कराया जा रहा है। -भीम सिंह निषाद, अराजी देवारा नैनीजोर।
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कई स्थानों पर गड्ढों में जमा पानी से दुर्गंध उठ रही है। मौसम में अचानक आए बदलाव और तेज हवा ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब गांवों में जलभराव, दुर्गंध, कटान और बीमारियों का खतरा सामने है।
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खेतों में पानी जमा रहने से फसलें प्रभावित हुई हैं। वहीं मौसम के बदले मिजाज ने कमजोर मकानों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित छिड़काव, पशुओं के टीकाकरण और स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजने की मांग की है।
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बाढ़ के बाद कटान शुरू हो गई है। किसानों के खेत कटकर नदी में समाहित हो रहे हैं।
बाढ़ के कारण गांव की फसल बर्बाद हो गई। अब गांव के पास गड्ढों में पानी जमा है, जिससे दुर्गंध उठ रही है। गांव के उत्तर तरफ सरयू की कटान भी शुरू हो गई है। बाढ़ का पानी भले ही कम हो गया है, लेकिन समस्याएं अभी खत्म नहीं हुई हैं। अब तूफान को लेकर ग्रामीण सशंकित हैं। विनोद सिंह पटेल, सहवदिया।
बाढ़ का पानी जाने के बाद पिछले दो दिनों से मौसम में अचानक तेज हवा चल रही है। इससे कमजोर मकानों के गिरने की आशंका बनी हुई है। अभी तक पशुओं का टीकाकरण नहीं कराया गया है और न ही गांवों में कीटनाशक व बीमारी से बचाव के लिए छिड़काव कराया जा रहा है। -भीम सिंह निषाद, अराजी देवारा नैनीजोर।