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Azamgarh News: कागजों पर चल रहा सेफ फ्यूचर अभियान, सड़कों पर नियम तोड़ दौड़ रहे स्कूली वाहन
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ई रिक्शा पर ढोए जा रहे स्कूली बच्चे। संवाद
स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए परिवहन विभाग का मिशन सेफ फ्यूचर 3.0 अभियान 14 सितंबर से चल रहा है। इसके बावजूद सड़कों पर अभियान का असर नजर नहीं आ रहा है।
ई-रिक्शा और ऑटो अब भी बच्चों की जान जोखिम में डालकर दौड़ रहे हैं। हालात यह हैं कि जांच के समय तो ई-रिक्शा और ऑटो चालक बच्चों को ले जाना और ले आना बंद कर देते, लेकिन कुछ दिन बाद जस का तस हो जाता है।
बच्चों को ढोने वाले कितने वाहन हैं, इसका विभाग के पास कोई आंकड़ा नहीं है। बच्चों को सांसत में डालकर उन्हें ऑटो में ढोया जा रहा है। स्कूली वाहनों में बच्चों की संख्या निर्धारित क्षमता से अधिक होने पर हादसे की स्थिति में खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
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खास बात यह है कि स्कूल प्रबंधन जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति के सदस्य होते हैं। उनकी जिम्मेदारी बच्चों को सुरक्षित घर तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी है। इसके बावजूद स्कूलों के बाहर नियमों को ताक पर रखकर बच्चों को वाहनों में बैठाया जा रहा है।
00 वर्जन
स्कूली वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। नियमों के विरुद्ध संचालित पाए जाने पर चालान व सीज किया जाता है। इसके बाद भी इनमें सुधार नहीं हो रहा है। इसके अलावा स्कूल प्रबंधकों को भी नोटिस जारी कर ऐसे वाहनों के संचालन पर रोक लगाने को कहा गया है। अब इनके खिलाफ अभियान तेज किया जाएगा। -विष्णुदत्त मिश्रा, एआरटीओ, प्रशासन आजमगढ़।
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ई-रिक्शा और ऑटो अब भी बच्चों की जान जोखिम में डालकर दौड़ रहे हैं। हालात यह हैं कि जांच के समय तो ई-रिक्शा और ऑटो चालक बच्चों को ले जाना और ले आना बंद कर देते, लेकिन कुछ दिन बाद जस का तस हो जाता है।
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बच्चों को ढोने वाले कितने वाहन हैं, इसका विभाग के पास कोई आंकड़ा नहीं है। बच्चों को सांसत में डालकर उन्हें ऑटो में ढोया जा रहा है। स्कूली वाहनों में बच्चों की संख्या निर्धारित क्षमता से अधिक होने पर हादसे की स्थिति में खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
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खास बात यह है कि स्कूल प्रबंधन जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति के सदस्य होते हैं। उनकी जिम्मेदारी बच्चों को सुरक्षित घर तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी है। इसके बावजूद स्कूलों के बाहर नियमों को ताक पर रखकर बच्चों को वाहनों में बैठाया जा रहा है।
00 वर्जन
स्कूली वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। नियमों के विरुद्ध संचालित पाए जाने पर चालान व सीज किया जाता है। इसके बाद भी इनमें सुधार नहीं हो रहा है। इसके अलावा स्कूल प्रबंधकों को भी नोटिस जारी कर ऐसे वाहनों के संचालन पर रोक लगाने को कहा गया है। अब इनके खिलाफ अभियान तेज किया जाएगा। -विष्णुदत्त मिश्रा, एआरटीओ, प्रशासन आजमगढ़।