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आजमगढ़ में आस्था के आगे गौड़ हुए नियम... भोलेनाथ के अभिषेक के लिए लगी कतार
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शहर के पुरानी कोतवाली स्थित शिव मंदिर में श्रावण के प्रथम सोमवार को पूजन अर्चनकरते श्रद्धालु।
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। सावन का उमंग, उत्साह और उल्लास भी कोरोना काल में गुम नजर आया। सावन में जहां शिवालयों पर बाबा का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ती थी वहीं कुछ शिवालयों को छोड़ दिया जाए तो कहीं भी कतार देखने को नहीं मिली। कई जगहों पर लोगों ने प्रशासन द्वारा जलाभिषेक के लिए बनाए गए नियमों की धज्जियां उड़ाई।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार की ओर से पहले ही कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। वहीं मंदिरों में सोमवार को होने वाले जलाभिषेक में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने का निर्देश जारी कर दिया था। जिला प्रशासन पहले ही धारा 144 लागू की गई। मंदिरों में एक बार में पांच लोगों से अधिक लोगों के प्रवेश को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया था। नगर के भवरनाथ मंदिर पर सुबह के समय काफी संख्या में लोगों की कतार लगी थी। लेकिन दिन बढ़ने के साथ ही श्रद्घालुओं की कतार देखने को नहीं मिली। इक्का दुक्का लोग ही बाबा का जलाभिषेक करने के लिए मंदिर पर पहुंचे। मंदिर परिसर में पुलिस बल की व्यवस्था की गई थी और श्रद्घालुओं के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। बहुत से लोगों ने घर में ही बाबा की पूजा अर्चना की बगल स्थित बाबा की मूर्ति पर जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया। नगर के मातबरगंज स्थित भगवान भोले नाथ की मूर्ति पर भी जलाभिषेक करने वालों की संख्या कम देखने को मिली। फूलपुर प्रतिनिधि के अनुसार फूलपुर बाजार स्थित शिव मंदिर में लजलाभिषेक के लिए सुबह से ही श्रद्घालुओं की लंबी कतार लगी हुई थी। लोग सोशलि डिस्टेंसिंग को भूलकर एक दूसरे से सटे हुए अपनेे बारी का इंतजार करते नजर आए। यहां पर सरकार द्वारा निर्धारित नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई।
नहीं सुनने को मिला बोल बम का जयकारा
सावन के महीने में पूरा नगर शिवमय नजर आता था। गली गली से बोल बम के जयकारे गूंजते थे। केसरिया रंग में रंगे कांवड़िया पैदल या वाहनों के जरिए बाबा धाम जाते हुए नजर आते थे। लेकिन इस बार कोरोना काल में यह सब देखने और सुनने को नहीं मिल रहा है। मंदिरों में भी जलाभिषेक करने के लिए कांवरियों का जत्था नहीं पहुंचा।
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कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार की ओर से पहले ही कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। वहीं मंदिरों में सोमवार को होने वाले जलाभिषेक में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने का निर्देश जारी कर दिया था। जिला प्रशासन पहले ही धारा 144 लागू की गई। मंदिरों में एक बार में पांच लोगों से अधिक लोगों के प्रवेश को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया था। नगर के भवरनाथ मंदिर पर सुबह के समय काफी संख्या में लोगों की कतार लगी थी। लेकिन दिन बढ़ने के साथ ही श्रद्घालुओं की कतार देखने को नहीं मिली। इक्का दुक्का लोग ही बाबा का जलाभिषेक करने के लिए मंदिर पर पहुंचे। मंदिर परिसर में पुलिस बल की व्यवस्था की गई थी और श्रद्घालुओं के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। बहुत से लोगों ने घर में ही बाबा की पूजा अर्चना की बगल स्थित बाबा की मूर्ति पर जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया। नगर के मातबरगंज स्थित भगवान भोले नाथ की मूर्ति पर भी जलाभिषेक करने वालों की संख्या कम देखने को मिली। फूलपुर प्रतिनिधि के अनुसार फूलपुर बाजार स्थित शिव मंदिर में लजलाभिषेक के लिए सुबह से ही श्रद्घालुओं की लंबी कतार लगी हुई थी। लोग सोशलि डिस्टेंसिंग को भूलकर एक दूसरे से सटे हुए अपनेे बारी का इंतजार करते नजर आए। यहां पर सरकार द्वारा निर्धारित नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई।
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नहीं सुनने को मिला बोल बम का जयकारा
सावन के महीने में पूरा नगर शिवमय नजर आता था। गली गली से बोल बम के जयकारे गूंजते थे। केसरिया रंग में रंगे कांवड़िया पैदल या वाहनों के जरिए बाबा धाम जाते हुए नजर आते थे। लेकिन इस बार कोरोना काल में यह सब देखने और सुनने को नहीं मिल रहा है। मंदिरों में भी जलाभिषेक करने के लिए कांवरियों का जत्था नहीं पहुंचा।

शहर भंवर नाथ स्थित शिव मंदिर में श्रावण मास प्रथम सोमवार को पूजन अर्चन करते श्रद्धालु।- फोटो : AZAMGARH

शहर रेलवे स्टेशन स्थित बहुरहवा बाबा शिव मंदिर में श्रावण मास प्रथम सोमवार को भगवान शिव का जलाभिष?- फोटो : AZAMGARH
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