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भड़कीं रसोइयाें ने कहा हर बार सौतेला व्यवहार
ब्यूरो अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Tue, 07 Jul 2015 12:07 AM IST
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मध्याह्न भोजन योजना में कार्यरत रसोइयों का नवीनीकरण करने सहित सात सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को अखिल भारतीय मध्याह्न भोजन रसोइयां महासंघ ने डा. अंबेडकर पार्क में धरना दिया। प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर को सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्रनाथ गौतम ने कहा कि रसोइया पद का चयन ग्रामीण स्तर पर होने के कारण और प्रतिवर्ष इसी पद के लिए नियुक्ति निकाल दिए जाने से उस विद्यालय के प्रधानाध्यापक और प्रधान अपने चहेतों की भर्ती कर, पूर्व में तैनात रसोइयों को हटा दे रहे हैं।
जिससे पूर्व में तैनात रसोइयों के परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानदेय के रूप में रसोइयों को मात्र एक हजार रुपये मिलता है, वह भी प्रधान और प्रधानाध्यापक के खाते में आता है। दोनों की लापरवाही से समय से रसोइयों को मानदेय का भुगतान समय पर नहीं होता है।
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रसोइयों का मानदेय सीधे उनके खाते में भेजा जाए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में भोजन बनाने का कार्य एनजीओ से न लिया जाए। साथ ही मानदेय में बढ़ोतरी की जाए। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं होती है तो महासंघ सड़क पर उतर आंदोलन को बाध्य होगा। धरने में जिलाध्यक्ष सुनीता देवी, संगीता यादव, गुड्डी शुक्ला, केवेंद्र सिंह, संगीता देवी आदि रसोइयां शामिल थी।
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धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्रनाथ गौतम ने कहा कि रसोइया पद का चयन ग्रामीण स्तर पर होने के कारण और प्रतिवर्ष इसी पद के लिए नियुक्ति निकाल दिए जाने से उस विद्यालय के प्रधानाध्यापक और प्रधान अपने चहेतों की भर्ती कर, पूर्व में तैनात रसोइयों को हटा दे रहे हैं।
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जिससे पूर्व में तैनात रसोइयों के परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मानदेय के रूप में रसोइयों को मात्र एक हजार रुपये मिलता है, वह भी प्रधान और प्रधानाध्यापक के खाते में आता है। दोनों की लापरवाही से समय से रसोइयों को मानदेय का भुगतान समय पर नहीं होता है।
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रसोइयों का मानदेय सीधे उनके खाते में भेजा जाए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में भोजन बनाने का कार्य एनजीओ से न लिया जाए। साथ ही मानदेय में बढ़ोतरी की जाए। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं होती है तो महासंघ सड़क पर उतर आंदोलन को बाध्य होगा। धरने में जिलाध्यक्ष सुनीता देवी, संगीता यादव, गुड्डी शुक्ला, केवेंद्र सिंह, संगीता देवी आदि रसोइयां शामिल थी।