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बदलते मौसम में हार्ट अटैक का खतरा, रहें सतर्क: सीएमओ

Thu, 17 Feb 2022 11:13 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 17 Feb 2022 11:13 PM IST
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Risk of heart attack in changing weather, be alert: CMO
बदलते मौसम में तापमान में गिरावट आती है और मनोवैज्ञानिक रूप से शरीर को गर्म रखने का संकेत मिलता है। इससे हृदय गति, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है। रक्त वाहिकाएं संकुचित होने पर रक्त के थक्के जमने की आशंका बढ़ जाती है। परिणाम स्वरूप दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आईएन तिवारी ने यह जानकारी देते हुए बचाव के टिप्स दिए हैं।
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उन्होंने बताया कि बदलता मौसम के साथ कई तरह की बीमारियां आती हैं। खासतौर से दिल के मरीजों के लिए बदलता मौसम खतरनाक माना जाता है। इस मौसम में हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए इस मौसम में सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी समस्या से निपटने के लिए अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल में तत्काल संपर्क करें और इलाज कराएं। पूर्व सीएमओ एवं वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि कम तापमान नर्वस सिस्टम को सक्रिय करता है जिससे कैटेकोलामाइन का स्तर बढ़ जाता है। ये रक्त वाहिकाओं को संकुचित करता है। इस मौसम में हमारे शरीर और हृदय को शरीर के सही तापमान को बनाए रखने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसकी वजह से हमारे दिल पर ज्यादा दबाव पड़ता है और कमजोर दिल वालों में हार्ट फेलियर का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए सतर्क रहने की आवश्यकता है।
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बताया कि चिकित्सालय में प्रतिदिन सात विशेषज्ञ डाक्टरों की ओपीडी होती है। इसमें प्रत्येक डाक्टर की ओपीडी 60 से 70 मरीजों की होती है। इस तरह से कुल लगभग 400 से 500 मरीज रोज देखे जाते हैं। जिसमें 15 से 20 मरीज हार्ट के होते हैं। ब्लड-प्रेशर और सांस के मरीज के साथ-साथ वाइरल फीवर और डायबिटीज के भी मरीज होते हैं। इसके कारण हृदय संबंधी परेशानी बढ़ जाती है। वर्तमान में हृदय संबंधी समस्या के तीन मरीज आईसीयू में भर्ती हैं, जिनका इलाज चल रहा है। नवंबर माह में 44, दिसंबर में 42 और जनवरी में कुल 28 हृदय रोगी भर्ती हुए थे।
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ऐसे करें बचाव
डाक्टरों का सुझाव है कि ठंड में खुद को गर्म रखने की कोशिश करें। शरीर को अच्छी तरह गर्म कपड़ों से ढंककर रखें। ठंडा खाना और ठंडे पेय पदार्थों से परहेज करें। ताजे और गर्म खाद्य पदार्थों का सेवन करें। यह धारणा गलत है कि अल्कोहल और धूम्रपान का सेवन आंतरिक गर्माहट देता है। इन मादक पदार्थों से दूर रहें। संयमित भोजन करें और फास्ट फूड खाने से बचें। इस तरह के भोजन से वजन भी तेजी से बढ़ता है। यदि पहले से ही हृदय संबंधी बीमारी है तो सर्दी के मौसम में अधिक सजग रहने की जरूरत है। बुजुर्ग व बीमार लोगों को भी इस मौसम में हृदय की सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए।
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