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पीएम आवास निर्माण में धांधली, पूर्व प्रधान व सचिव से मांगा स्पष्टीकरण
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शौचालय व पीएम आवास निर्माण में अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है। मामला विकास खंड आदममऊ गांव का है। जांच हुई तो धांधली की पूरी कलई खुलकर सामने आ गई। जांच में दोषी पाए गए तत्कालीन सचिव व तत्कालीन प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। एक सप्ताह में उचित जवाब न देने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विकास खंड फूलपुर के ग्राम पंचायत आदममऊ गांव निवासी अखिलेश राय ने जिलाधिकारी के यहां शिकायत की थी। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिशासी अभियंता आरईडी को जांच अधिकारी नामित किया गया था। जांच हुई तो शौचालय निर्माण में गांव की सुमित्रा, रेशमा, सुदामी, रामसागर समेत कुल 15 लोगों को शौचालय दिया गया है। कुछ को पैसा भेजा गया लेकिन शौचालय नहीं बनाया गया। कुछ को न तो पैसा मिला न ही उन्होंने बनवाया है। कुछ ऐसे भी है जो आधे-अधूरे पड़े हैं। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 1016-17, 2017-18 व 2018-19 की सूची उपलब्ध कराई गई। जिसमें रामशिवजोर का नाम शामिल है। इन्हें आवास के लिए धनराशि आवंटित की गई है लेकिन इनके पास पूर्व से ही पक्का मकान मौजूद है। मुन्नी जो तत्कालीन प्रधान है के खाते में प्रधानमंत्री आवास के लिए तीन किस्तों में कुल एक लाख 20 हजार रुपये अतिरिक्त हुए है। इनके पास भी पक्का मकान पहले से ही है। प्रधान रहते हुए स्वयं का चयन कर अनियमितता की गई है। इसी प्रकार उमाशंकर जो दिल्ली में रहते हैं के पास भी पूर्व में बड़ा पक्का मकान है। फिर भी इन सभी को प्रधानमंत्री आवास आवंटित किया गया है। जिसके प्रति दोषी पाए गए है। जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दुबे ने बताया कि जांच में कई अनियमितताएं पाई गई हैं। एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब न मिलने पर संबंधित सचिव व तत्काली प्रधान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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विकास खंड फूलपुर के ग्राम पंचायत आदममऊ गांव निवासी अखिलेश राय ने जिलाधिकारी के यहां शिकायत की थी। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिशासी अभियंता आरईडी को जांच अधिकारी नामित किया गया था। जांच हुई तो शौचालय निर्माण में गांव की सुमित्रा, रेशमा, सुदामी, रामसागर समेत कुल 15 लोगों को शौचालय दिया गया है। कुछ को पैसा भेजा गया लेकिन शौचालय नहीं बनाया गया। कुछ को न तो पैसा मिला न ही उन्होंने बनवाया है। कुछ ऐसे भी है जो आधे-अधूरे पड़े हैं। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 1016-17, 2017-18 व 2018-19 की सूची उपलब्ध कराई गई। जिसमें रामशिवजोर का नाम शामिल है। इन्हें आवास के लिए धनराशि आवंटित की गई है लेकिन इनके पास पूर्व से ही पक्का मकान मौजूद है। मुन्नी जो तत्कालीन प्रधान है के खाते में प्रधानमंत्री आवास के लिए तीन किस्तों में कुल एक लाख 20 हजार रुपये अतिरिक्त हुए है। इनके पास भी पक्का मकान पहले से ही है। प्रधान रहते हुए स्वयं का चयन कर अनियमितता की गई है। इसी प्रकार उमाशंकर जो दिल्ली में रहते हैं के पास भी पूर्व में बड़ा पक्का मकान है। फिर भी इन सभी को प्रधानमंत्री आवास आवंटित किया गया है। जिसके प्रति दोषी पाए गए है। जिला पंचायत राज अधिकारी लालजी दुबे ने बताया कि जांच में कई अनियमितताएं पाई गई हैं। एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब न मिलने पर संबंधित सचिव व तत्काली प्रधान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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