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स्कूल खुलने के बाद 100 दिनों की चलेगी रेमेडियल क्लास
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आजमगढ़। परिषदीय स्कूलों के खुलने पर पिछली कक्षा की पढ़ाई पर जोर होगा। इसके लिए रेमेडियल क्लास यानी उपचारात्मक शिक्षा पर विशेष फोकस किया जाएगा। कोरोना संक्रमण के चलते बंद चल रहे स्कूलों के खुलने के बाद स्कूलों में प्रेरणा उत्सव नाम से सौ दिनों का विशेष अभियान चलाने की तैयारी है। इस अभियान का मकसद साफ है कि संक्रमण के चलते स्कूलों में कक्षा शिक्षण बाधित होने से हुए नुकसान की भरपाई करना है।
परिषदीय स्कूलों के बंद होने के चलते ई-पाठशाला, व्हाट्सग्रुप आदि की माध्यम से पढ़ाई को ऑनलाइन सुविधा से जोड़ा गया है। लेकिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। खासतौर से प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के लिए कक्षा शिक्षण बेहद कारगर होता है। स्कूली बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट करने के साथ ही पिछली कक्षा के पाठ्यक्रम के बारे में ज्ञान होना बेहद जरूरी है। नए पाठ्यक्रम को पढ़ाने व बच्चों को समझाने में भी इससे काफी मदद मिलती है। अभियान के दौरान प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों की रेमेडियल टीचिंग कराई जाएगी। इसकी मदद से कक्षा के अनुरूप अपेक्षित लर्निंग आउटकम प्राप्त कर सकें। स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद के निर्देश पर इसकी तैयारी चल रही है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अम्बरीष कुमार ने बताया कि रेमेडियल टीचिंग के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने समृद्ध नाम से एक हस्तपुस्तिका तैयार कराई गई है। इस पर आधारित सौ दिनों के रेमेडियल टीचिंग के बाद सभी बच्चों का स्टूडेंट असेसमेंट टेस्ट के जरिए अंतिम आंकलन किया जाएगा।
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परिषदीय स्कूलों के बंद होने के चलते ई-पाठशाला, व्हाट्सग्रुप आदि की माध्यम से पढ़ाई को ऑनलाइन सुविधा से जोड़ा गया है। लेकिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। खासतौर से प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के लिए कक्षा शिक्षण बेहद कारगर होता है। स्कूली बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट करने के साथ ही पिछली कक्षा के पाठ्यक्रम के बारे में ज्ञान होना बेहद जरूरी है। नए पाठ्यक्रम को पढ़ाने व बच्चों को समझाने में भी इससे काफी मदद मिलती है। अभियान के दौरान प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों की रेमेडियल टीचिंग कराई जाएगी। इसकी मदद से कक्षा के अनुरूप अपेक्षित लर्निंग आउटकम प्राप्त कर सकें। स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद के निर्देश पर इसकी तैयारी चल रही है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अम्बरीष कुमार ने बताया कि रेमेडियल टीचिंग के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने समृद्ध नाम से एक हस्तपुस्तिका तैयार कराई गई है। इस पर आधारित सौ दिनों के रेमेडियल टीचिंग के बाद सभी बच्चों का स्टूडेंट असेसमेंट टेस्ट के जरिए अंतिम आंकलन किया जाएगा।
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