फूलपुर क्षेत्र में लाल मिर्च (अचार वाला मिर्च) की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। इसी वजह से यह लाल सोना के नाम से प्रसिद्ध है। यहां से लाल मिर्च पूर्वांचल के कई जिलों में भेजा जाता है। इस बार इसकी पैदावार अच्छी नहीं होने से कीमत में उछाल आई है। शनिवार को मंडी में 3200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से लाल मिर्च की बिक्री हुई। किसान 500 क्विंटल से अधिक लाल मिर्च लेकर आए थेे।
इस बार पैदावार अछी न होने के चलते इसके कीमत में काफी उछाल आया है। शनिवार को लाल सोना 3200 रुपये प्रति कुंतल बिका। फूलपुर क्षेत्र में किसान लाल भरवा मिर्च की खेती प्रमुखता से करते हैं। यह किसानों के आमदनी का मुख्य स्रोत है। फूलपुर मंडल में लाल मिर्च की आवक शुरू हो गई है। पहले किसान गन्ना की खेती प्रमुखता से करते थे, लेकिन गन्ने का वाजिब मूल्य न मिलने से इस खेती पर ग्रहण लग गया। अब किसान लाल सोना की खेती व्यावसायिक खेती के रूप में प्रमुखता से कर रहे हैं। यही वजह है कि क्षेत्र में लाल मिर्च की खेती का दायरा बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र के बनबीरपुर, मेजवां, बक्शपुर, मुंडियार, मुंडवर, चमावां, दुलारपुर, सुदनीपुर, जगदीशपुर, नियाउज, पूरब पट्टी, पश्चिम पट्टी, दुर्बासा, कोल, पवई, माहुल, इटकोहिया, मिल्कीपुर, पवई, खुरासो, धर्मदासपुर, दसमरा, लोनियाडीह आदि स्थानों पर लाल सोना की खेती प्रमुखता से की जाती है। यहां से लाल मिर्च पूर्वांचल और उत्तरांचल के साथ कोलकाता, मुंबई आदि महानगरों में निर्यात की जाती है। यहां से सीजन के दौरान 1000 टन प्रतिदिन माल निकलता है। व्यापारी अंगद सोनकर ने बताया कि बीते साल छह से आठ हजार टन लाल सोना निर्यात हुआ था। इस साल पैदावार कम होने के चलते आंकड़े में कमी आई है। दोनदिनों से लाल सोना 3200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिक रहा है।