{"_id":"d673188abebc27dddbe2f9c64566b9b9","slug":"rasmni-the-enhanced-distinction-of-teachers-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रासमनी ने बढ़ाया शिक्षकों का गौरव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रासमनी ने बढ़ाया शिक्षकों का गौरव
ब्यूरो अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Fri, 04 Sep 2015 12:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए प्रदेश सरकार की ओर से जनपद के बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय गौरा रघुबर की प्रधानाध्यापिका रासमनी सिंह का चयन किया गया है। इससे शिक्षा जगत से जुड़े लोगों में हर्ष है।
रासमनी सिंह की प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय बेलडाड़ महराजगंज से हुई।
स्नातक की शिक्षा गांधी शताब्दी स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोयलसा, से प्राप्त की। उनकी प्रथम नियुक्ति 1972 में प्राथमिक विद्यालय गौरा रघुबर कोयलसा में हुई। आज यह पूर्व माध्यमिक विद्यालय गौरा रघुवर में प्रधानाध्यापिका के पद पर कार्यरत है। रासमनी सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने बड़े भाई स्वर्गीय कन्हैया सिंह को दिया, जो प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक थे।
इनके पति चंद्रेश सिंह उद्योग विद्यालय इंटर कालेज कोयलसा में नागरिक शास्त्र के प्रवक्ता थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही समाज की दशा और दिशा बदली जा सकती है।
विज्ञापन
मंत्री समेत कई ने दी बधाई ः राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित हुई रासमनी सिंह को कारागार मंत्री बलराम यादव ने बधाई देते हुए कहा कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती है। आज रासमनी सिंह ने जो जिले का नाम रोशन किया है, उसके लिए मैं इन्हें धन्यवाद देता हूं।
क्षेत्रीय विधायक डा. संग्राम यादव ने भी बधाई दी। बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश पांडेय ने बधाई देते हुए कहा कि रासमनी सिंह महिलाओं के लिए एक प्रेरणा को स्रोत हैं। पूर्व प्राचार्य डा. मदन मोहन श्रीवास्तव, संजय, अभय प्रताप, आकाश, शंकर, राजेश, अथर्व, उपेंद्र, त्रिवेनी, नागेंद्र आदि ने बधाई दी।
विज्ञापन
रासमनी सिंह की प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय बेलडाड़ महराजगंज से हुई।
स्नातक की शिक्षा गांधी शताब्दी स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोयलसा, से प्राप्त की। उनकी प्रथम नियुक्ति 1972 में प्राथमिक विद्यालय गौरा रघुबर कोयलसा में हुई। आज यह पूर्व माध्यमिक विद्यालय गौरा रघुवर में प्रधानाध्यापिका के पद पर कार्यरत है। रासमनी सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने बड़े भाई स्वर्गीय कन्हैया सिंह को दिया, जो प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक थे।
विज्ञापन
इनके पति चंद्रेश सिंह उद्योग विद्यालय इंटर कालेज कोयलसा में नागरिक शास्त्र के प्रवक्ता थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही समाज की दशा और दिशा बदली जा सकती है।
विज्ञापन
मंत्री समेत कई ने दी बधाई ः राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित हुई रासमनी सिंह को कारागार मंत्री बलराम यादव ने बधाई देते हुए कहा कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती है। आज रासमनी सिंह ने जो जिले का नाम रोशन किया है, उसके लिए मैं इन्हें धन्यवाद देता हूं।
क्षेत्रीय विधायक डा. संग्राम यादव ने भी बधाई दी। बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश पांडेय ने बधाई देते हुए कहा कि रासमनी सिंह महिलाओं के लिए एक प्रेरणा को स्रोत हैं। पूर्व प्राचार्य डा. मदन मोहन श्रीवास्तव, संजय, अभय प्रताप, आकाश, शंकर, राजेश, अथर्व, उपेंद्र, त्रिवेनी, नागेंद्र आदि ने बधाई दी।