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तोप, त्रिशूल और बंदूक से लैस हो मैदान में कूदे रणबांकुरे
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आजमगढ़। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की जांच के बाद रविवार को नाम वापसी के बाद शेष बचे प्रत्याशियों में प्रतीक चिन्ह का आवंटन कर दिया गया। चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित प्रतीक चिह्नों में से एक लेकर मैदान में उतर गए है। तोप, त्रिशूल, बंदूक गदा आदि चुनाव चिन्हों के साथ मैदान में उतरा हर योद्घा मतदाताओं को लुभाने में जुट गया है। लेकिन किसी सिर जीत का ताज सजेगा इसका फैसला दो मई को होने वाली मतगणना के बाद चलेगा।
भले ही पंचायत चुनाव में सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने अस्त्र-शस्त्र के प्रदर्शन पर रोक लगा रखी हो, लेकिन प्रत्याशी इन्हीं चुनाव निशानों पर वोट मांगेंगे। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी समर में शेष बचे उम्मीदवारों को रविवार को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए गए। किसी को तोप तो किसी को त्रिशुल और किसी को बंदूक मिली है। किसी को रिक्शा, कार और गले का हार चुनाव निशान दिया गया है। चुनाव निशान मिलते ही प्रत्याशी जोर-शोर से प्रचार में जुट गए हैं। दूसरे चरण में 19 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए सात व आठ अप्रैल को नामांकन हुआ था। नामांकन पत्रों की जांच के बाद रविवार को नाम वापसी और प्रतीक चिन्हों का आवंटन हुआ।
चुनाव मैदान में शेष बचे प्रधान, बीडीसी सदस्य, जिला पंचायत सदस्य के उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न का आवंटन किया गया है। आयोग ने इस बार प्रधान पद के लिए 75, बीडीसी सदस्य पद के लिए 36 और जिला पंचायत सदस्य के लिए 53 चुनाव चिह्नों का विकल्प दिया है। प्रत्याशियों को नामांकन पत्र भरने के दौरान अपनी पसंद के चुनाव चिह्न दर्शाने का विकल्प था। नाम वापसी के बाद अवशेष प्रत्याशियों की सूची प्रपत्र 13 में हिंदी वर्णमाला के अक्षरों के क्रम में तैयार कर चुनाव चिह्न आवंटित किए गए। आवंटित चुनाव चिह्न का प्रतीक भी उम्मीदवारों को उपलब्ध कराया गया। चुनाव निशान मिलते ही प्रत्याशी सीधे प्रिंटिंग प्रेस संचालकों के पास पहुंचे। पहले से तैयार प्रारूप पर नाम मुद्रित कराते हुए पोस्टर, हैंडबिल का आर्डर दिया और गांव में पहुंचकर प्रचार में जुट गए।
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विभिन्न पदों के लिए आवंटित चुनाव निशान
ग्राम प्रधान पद- आम, ओखली, अंगूर, केला, गुलाब का फूल, घड़ा, डमरु, नल, तंबू, बंदूक, पेंसिल, फरसा, ब्रश, ब्लैक बोर्ड, तोप, त्रिशूल, अनाज ओसाता किसान, टोकरी, ड्रम, इमली, कैमरा, कार, कोट आदि।
क्षेत्र पंचायत सदस्य- नारियल, पानी का जहाज, फ्रॉक, शहनाई, सरौता, आटा चक्की, तलवार, अंगूठी, अग्निशमन वाहन आदि।
जिला पंचायत सदस्य- आरी, उगता सूरज, कप प्लेट, कमल दवात, केतली, कैंची, गमला, चश्मा, छड़ी, गिटार, छाता, ट्रैक्टर, झोपड़ी आदि चुनाव निशान आवंटित किए गए हैं।
मतपत्र पर नहीं होगा प्रत्याशियों का नाम
आजमगढ़। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न के सामने उनका नाम भी दर्ज होता है। लेकिन पंचायत चुनाव में किसी भी प्रत्याशी का नाम मतपत्र पर नहीं लिखा होगा। जिसके कारण मतदाताओं को उनके चुनाव चिह्नों पर ही मत देना होगा। इसके लिए प्रत्याशियों के सामने अपने चुनाव चिह्न को मतदाताओं के पास पहुंचाना चुनौती है।
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भले ही पंचायत चुनाव में सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने अस्त्र-शस्त्र के प्रदर्शन पर रोक लगा रखी हो, लेकिन प्रत्याशी इन्हीं चुनाव निशानों पर वोट मांगेंगे। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी समर में शेष बचे उम्मीदवारों को रविवार को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए गए। किसी को तोप तो किसी को त्रिशुल और किसी को बंदूक मिली है। किसी को रिक्शा, कार और गले का हार चुनाव निशान दिया गया है। चुनाव निशान मिलते ही प्रत्याशी जोर-शोर से प्रचार में जुट गए हैं। दूसरे चरण में 19 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए सात व आठ अप्रैल को नामांकन हुआ था। नामांकन पत्रों की जांच के बाद रविवार को नाम वापसी और प्रतीक चिन्हों का आवंटन हुआ।
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चुनाव मैदान में शेष बचे प्रधान, बीडीसी सदस्य, जिला पंचायत सदस्य के उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न का आवंटन किया गया है। आयोग ने इस बार प्रधान पद के लिए 75, बीडीसी सदस्य पद के लिए 36 और जिला पंचायत सदस्य के लिए 53 चुनाव चिह्नों का विकल्प दिया है। प्रत्याशियों को नामांकन पत्र भरने के दौरान अपनी पसंद के चुनाव चिह्न दर्शाने का विकल्प था। नाम वापसी के बाद अवशेष प्रत्याशियों की सूची प्रपत्र 13 में हिंदी वर्णमाला के अक्षरों के क्रम में तैयार कर चुनाव चिह्न आवंटित किए गए। आवंटित चुनाव चिह्न का प्रतीक भी उम्मीदवारों को उपलब्ध कराया गया। चुनाव निशान मिलते ही प्रत्याशी सीधे प्रिंटिंग प्रेस संचालकों के पास पहुंचे। पहले से तैयार प्रारूप पर नाम मुद्रित कराते हुए पोस्टर, हैंडबिल का आर्डर दिया और गांव में पहुंचकर प्रचार में जुट गए।
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विभिन्न पदों के लिए आवंटित चुनाव निशान
ग्राम प्रधान पद- आम, ओखली, अंगूर, केला, गुलाब का फूल, घड़ा, डमरु, नल, तंबू, बंदूक, पेंसिल, फरसा, ब्रश, ब्लैक बोर्ड, तोप, त्रिशूल, अनाज ओसाता किसान, टोकरी, ड्रम, इमली, कैमरा, कार, कोट आदि।
क्षेत्र पंचायत सदस्य- नारियल, पानी का जहाज, फ्रॉक, शहनाई, सरौता, आटा चक्की, तलवार, अंगूठी, अग्निशमन वाहन आदि।
जिला पंचायत सदस्य- आरी, उगता सूरज, कप प्लेट, कमल दवात, केतली, कैंची, गमला, चश्मा, छड़ी, गिटार, छाता, ट्रैक्टर, झोपड़ी आदि चुनाव निशान आवंटित किए गए हैं।
मतपत्र पर नहीं होगा प्रत्याशियों का नाम
आजमगढ़। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न के सामने उनका नाम भी दर्ज होता है। लेकिन पंचायत चुनाव में किसी भी प्रत्याशी का नाम मतपत्र पर नहीं लिखा होगा। जिसके कारण मतदाताओं को उनके चुनाव चिह्नों पर ही मत देना होगा। इसके लिए प्रत्याशियों के सामने अपने चुनाव चिह्न को मतदाताओं के पास पहुंचाना चुनौती है।