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बदमाशों के पास खिंच लाई रमेश की मौत

Sun, 20 Oct 2019 11:12 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Oct 2019 11:12 PM IST
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Ramesh's death dragged near miscreants
मौत वापस खींच लाई रमेश को बदमाशों तक
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वर्ना जान बचाकर नहर उस पार भाग चुका था वह
पारिवारिक हालात जान बदमाशों से भिड़ गया था
अमर उजाला ब्यूरो
आजमगढ़। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के भवानी पट्टी गांव निवासी बैंक मित्र रमेश यादव को 15 अक्तूबर को मौत ही बदमाशों के पास खिंच लाई थी। अन्यथा वह उनसे बचकर नहर के उस पार भाग गया था। नहर की दूसरी पटरी से जब उसने देखा कि बदमाश स्कूटी की डिकी तोड़ रहे हैं तो वह उन सभी से लड़ने पहुंच गया और मारा गया।
इलाहाबाद बैंक बूढनपुर की शाखा के कर्मचारियों के मुताबिक रमेश को तीन गोली मारी गई थी। एक गोली हेलमेट तोड़ते हुए निकल गई। इस दौरान रमेश बदमाशों से हाथापाई करने लगा। खुद पर रमेश को हावी होता देखकर बदमाशों ने एक गोली उसके कनपटी पर और दूसरी सीने में दाग दी। बैंक वालों के मुताबिक रमेश को बदमाशों के पीछे होने का एहसास हुआ तो वह गाड़ी तेज चलाकर निकलने के प्रयास में था। घटना की सूचना मिलने पर रमेश का भाई और बैंक के कुछ लोग तत्काल मौके पर पहुंचे, उन लोगों को स्वयं रमेश ने यह बात बताई थी। रमेश यादव को अपनी बेटी की शादी करनी थी। छह माह पूर्व ही उसके साथ 1.10 लाख रुपये लूटने पर वह टूट चुका था। खुलासे के बावजूद उसे पूरे रुपये नहीं मिले। ऐसे में उसे अपनी नहीं बल्कि रुपयों की चिंता थी, उन्हें खोने का डर था। लोगों की मानें तो यदि रमेश दोबारा मौके पर नहीं जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी।
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मौका मुआयना के दौरान घटनास्थल से रमेश का टूटा हुआ चप्पल, हेलमेट, चश्मा आदि बरामद हुआ था। उसके कपड़े गिले थे। मौके से आभास हुआ कि वहां हाथापाई भी हुई होगी। ऐसे में हत्या की कड़ी बैंक, सेवाकेंद्र और गांव के बीच घूमती लग रही है। - नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण
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सर्किल के तीन थानों की छानी जा रही खाक
आजमगढ़। बैंक मित्र रमेश यादव से लूट और हत्या के मामले में पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं। घटनाक्रम से लग रहा कि बदमाश यह भलीभांति जानते थे कि रमेश यादव के पास हमेशा अच्छीखासी रकम मौजूद रहती है। त्यौहार के सीजन में रुपये निकालने वालों की संख्या भी अधिक होती है। ऐसे में इस प्रमुख बात की जानकारी बैंक से, गांव से या जनसेवा केंद्र पर अक्सर मौजूद रहने वालों को ही पता रहता है। इन्हीं तीन बातों पर गौर करते हुए पुलिस बैंक, गांव और जनसेवा केंद्र के आसपास के माहौल का जायजा ले रही। रमेश की हत्या से उपजे राजनीतिक विवाद की वजह से पुलिस भी इस मामले में सावधानी से काम कर रही।
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