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राम विवाह के वर्णन से श्रद्धालु हुए भावविभोर
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Tue, 26 May 2015 12:28 AM IST
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दुर्वासा धाम में चल रहे108 कुंडीय हरिहरात्मक महायज्ञ के छठवें दिन यज्ञाचार्य पंडित पुरुषोत्तम पांडेय की देखरेख में 151 ब्राह्मणों ने हवन कार्य संपन्न कराया। श्रद्धालुओं ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। प्रवचनकर्ताओं ने श्रीराम विवाह का भावपूर्ण वर्णन कर लोगों को भावविभोर कर दिया।
दुर्वासा धाम की महत्ता को बताते हुए महामंडलेश्वर मौनी बाबा ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन तमसा-मंजूषा के संगम पर स्नान करना मोक्ष प्रदान करता है। इस दिन सभी देवी-देवता यहां स्नान करने की अपेक्षा रखते है।
छठवें दिन रामकथा के अंतर्गत मानस कोकिला सुश्री चंद्रकला शास्त्री ने राम विवाह का भावपूर्ण वर्णन किया। भागवत कथा का वर्णन पंडित चंद्र बिहारी ठाकुर और पंडित कौशल किशोर ने किया।
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सुषमा मिश्रा, फौजी बाबा, सत्यराम सिंह आदि ने भी प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन दशरथ राय रथेश ने किया गया।
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दुर्वासा धाम की महत्ता को बताते हुए महामंडलेश्वर मौनी बाबा ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन तमसा-मंजूषा के संगम पर स्नान करना मोक्ष प्रदान करता है। इस दिन सभी देवी-देवता यहां स्नान करने की अपेक्षा रखते है।
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छठवें दिन रामकथा के अंतर्गत मानस कोकिला सुश्री चंद्रकला शास्त्री ने राम विवाह का भावपूर्ण वर्णन किया। भागवत कथा का वर्णन पंडित चंद्र बिहारी ठाकुर और पंडित कौशल किशोर ने किया।
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सुषमा मिश्रा, फौजी बाबा, सत्यराम सिंह आदि ने भी प्रवचनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का संचालन दशरथ राय रथेश ने किया गया।