आजमगढ़। बलिया जनपद में यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा के आउट हुए पेपरों की खबर छापने से बौखलाए जिला प्रशासन द्वारा तीन पत्रकारों दिग्विजय सिंह, अजीत कुमार ओझा एवं मनोज कुमार गुप्ता को फर्जी मुकदमा कायम करते हुए जेल भेज दिया गया। बलिया जिला प्रशासन के इस निंदनीय एवं घृणित कृत्य से पूरे प्रदेश व देश के पत्रकारों में उबाल आ गया है। इस घटना की निंदा करने के साथ ही इसके विरोध में जगह-जगह धरना प्रदर्शन हो रहा है। इसी क्रम में बुधवार को आजमगढ़ मंडल मुख्यालय पर पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत से मिलकर मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन दिया। जिसमें मांग की गई है कि तीनों निर्दोष पत्रकारों दिग्विजय सिंह, अजीत कुमार ओझा एवं मनोज कुमार गुप्ता को बिना शर्त जेल से रिहा किया जाए एवं इन पर दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाए। जिला प्रशासन के दोषी अधिकारियों के विरुद्ध उचित वैधानिक कार्रवाई करने के साथ ही इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए एवं तीनों पत्रकार साथियों को उचित मुआवजा दिया जाए। इस मौके पर विजय कुमार देवव्रत, सुभाषचंद्र सिंह, मनोज जायसवाल, उदयराज शर्मा, रामसिंह यादव, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, अशोक वर्मा, रविप्रकाश सिंह, शैलेश राय, रत्नप्रकाश त्रिपाठी, धीरज तिवारी, दीपक सिंह, रमेश यादव, धीरज वर्मा, प्रशांत राय, वेदेंद्र शर्मा, अजय मिश्रा, राकेश वर्मा आदि उपस्थित थे। वहीं भारतीय पत्रकार संगठन ने भी मंडलायुक्त को ज्ञापन सौंपा। जिसमें बलिया प्रशासन के कृत्यों की निंदा की गई। पत्रकारों ने जेल में बंद पत्रकारों को तत्काल रिहा करने, उनके ऊपर दर्ज मुकदमें को वापस लेने की मांग की गई। इस मौके पर विरेंद्र मिश्रा, सर्वेश तिवारी, शीतला त्रिपाठी आदि उपस्थित थे।