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यूपी: जिनके भरोसे दौड़ती है रेल, उनके आशियाने बेपटरी, कहीं छत से पानी टपक रहा तो कहीं दीवारों में दरार

Sat, 03 Oct 2026 03:17 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़। Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Sat, 03 Oct 2026 03:17 PM IST
सार

आजमगढ़ जिले में रेलवे की रेलकर्मियों की कॉलोनियों में कदम रखते कहीं जर्जर छतों से पानी टपक रहा है तो कहीं दीवारों में दरारें आ गई हैं। जिले में 51 परिवार पुराने आवासों में रह रहे हैं जबकि सरायमीर में आवास टूटने के बाद किराए पर कर्मचारी रह रहे हैं।

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railway staff quarters in Azamgarh in dilapidated condition
आजमगढ़ स्टेशन पर रेल कर्मियों के जर्जर मकान।  - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिन रेलकर्मियों के भरोसे ट्रेनें पटरी पर दौड़ती हैं, उनके अपने घर ही व्यवस्था की पटरी से उतर चुके हैं। रेलवे की रेलकर्मियों की कॉलोनियों में कदम रखते कहीं जर्जर छतों से पानी टपक रहा है तो कहीं दीवारों में दरारें आ गई हैं। चार-पांच दशक पूर्व बने आवासों में रेलवे कर्मचारी रहने को मजबूर हैं। आजमगढ़ में 51 परिवार पुराने आवासों में रह रहे हैं जबकि सरायमीर में आवास टूटने के बाद किराए पर कर्मचारी रह रहे हैं।
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आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर यूं तो अमृत भारत योजना के तहत कायाकल्प किया जा रहा है पर कर्मचारी आवास नहीं बनाए जा रहे। हाल यह है कि पुराने जर्जर आवास में कर्मचारी रहने को विवश हैं। सबसे बुरा हाल सरायमीर स्टेशन का है।
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यहां जर्जर आवासों को तो तोड़कर जमींदोज कर दिया गया, पर कर्मचारियों के लिए नए आवास नहीं बनाए गए। हाल यह है कि रेलवे कर्मी प्राइवेट कमरे लेकर रेलवे की नौकरी कर रहे हैं। सबसे अच्छी स्थिति खुरासन रोड व सठियांव स्टेशन की है। यहां अमृत भारत योजना के तहत नए कर्मचारी आवास बनाए गए हैं।
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51 रेलकर्मी पुराने आवासों में करते हैं निवास
आजमगढ़ रेलवे स्टेशन पर अलग-अलग टाइप के आवासों में कुल 61 अधिकारी-कर्मचारी निवास करते हैं। अमृत भारत योजना के तहत किए जा रहे कायाकल्प व विस्तारीकरण में छह आवास बाधक बन रहे थे, उन्हें तोड़ दिया गया। इसके लिए स्टेशन के पीछे 10 कर्मचारी आवास बनाए गए हैं, जहां इन परिवारों को शिफ्ट किया गया। अब कुल 51 परिवार आज भी पुराने जर्जर हो चुके आवासों में निवास करते हैं। इन परिवारों को हर पल अनहोनी की आशंका सताती रहती है। 

आवास तो बना पर जलनिकासी के इंतजाम नहीं
खुरासन रोड रेलवे स्टेशन का कायाकल्प अमृत भारत योजना के तहत किया जा रहा है। यहां कर्मचारियों के लिए 10 नए आवास बनाए गए हैं। इस योजना के तहत लगभग दो वर्ष पूर्व बनी रेलवे कॉलोनी परिसर में जल निकासी के सही इंतजाम न होने से लोगों को परेशानी हो रही है। कॉलोनी परिसर में जलभराव के कारण लोगों को बीमारियां फैलने की आशंका है। जल निकासी के इंतजाम न होने से आए दिन गंदा पानी सड़क पर भरता है।

लगातार हुई बारिश से कॉलोनी परिसर में जलभराव रहता है। कर्मचारियों ने इसकी जानकारी विभागीय उच्चाधिकारियों को भी दी। रेलवे कर्मचारी व उनके परिवार के लोग गंदे पानी से होकर निकलने पर मजबूर हैं। बीमारियां फैलने की आशंका भी बनी हुई है। स्टेशन अधीक्षक शंभू सिन्हा ने बताया कि नई कॉलोनी बनी हुई है, अभी कुछ काम होना बाकी है। नाली का निर्माण न होने से दिक्कतें हो रही हैं।

सरायमीर में नए आवास नहीं बन सके
सरायमीर। स्टेशन पर रेलवे की व्यवस्था संभालने वाले करीब 10 कर्मी किराए के मकान में रहने को विवश हैं। यहां दशकों पुराने बने कर्मचारी आवासों को जर्जर होने पर परित्यक्त कर दिया गया। कुछ आवासों को जमींदोज भी कर दिया गया पर नए आवास न बन सके। इसके चलते यहां निवास करने वाले कर्मचारी सरायमीर में किराए का मकान लेकर गुजर-बसर करने को मजबूर हैं। 
 

अमृत भारत योजना में स्टेशन का कायाकल्प व यात्री सुविधाओं पर काम हो रहा है। विस्तारीकरण में बाधा बने छह आवास तोड़े गए थे, इन परिवारों को नए आवास में शिफ्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही टाइप बी-सी के आवासों का प्रपोजल विभाग को भेजा गया है। -अनिल कुमार, ईओडब्ल्यू आजमगढ़ रेलवे स्टेशन
 
रेलवे में यात्री सुविधाओं के साथ-साथ कर्मचारियों के आवास और रखरखाव को बेहतर किया जा रहा है। जहां भी आवास जर्जर होंगे, उन्हें बनवाया जाएगा। -महेश गुप्ता, जन संपर्क अधिकारी वाराणसी

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