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पार्क के प्रस्तावित बजट पर पीडब्ल्यूडी की लगी मुहर
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आजमगढ़। एडीए की तरफ से सिधारी क्षेत्र में नदी किनारे पर पार्क के निर्माण की कवायद की जा रही है। कभी पार्क का बजट अधिक होने तो कभी इसकी देखरेख करने वाला न मिलने के कारण कार्य रुक जाता है, लेकिन इस बार एडीए ने पार्क के निर्माण के लिए प्रस्तावित बजट पर पीडब्ल्यूडी ने अपनी मुहर लगा दी है। अब एडीए को नगरपालिका से इसके रख-रखाव के लिए मिलने वाली एनओसी का इंतजार है।
पीएम अफोर्डेबल आवास के निर्माण के लिए एडीए को जिला प्रशासन की ओर से होमगार्ड ऑफिस के सामने नदी किनारे जमीन का आवंटन किया। एडीए इस पर आवासों के निर्माण की कवायद में जुटा था तभी इस भूमि के एनजीटी के दायरे में आने के कारण निर्माण रुक गया। इसके बाद से यह जमीन खाली पड़ी है। दशहरा और दीपावली में जिला प्रशासन द्वारा इस जमीन पर गड्ढ़ा बनाकर मूर्तियों का विसर्जन कराया जाता है। खाली पड़ी इस जमीन पर एडीए पार्क बनाने की कवायद सालों से कर रहा है लेकिन अब तक उसे सफलता नहीं मिली। कभी इसका बजट अधिक होने के कारण निर्माण रूक जाता तो कभी इसकी देखरेख करने वाला कोई नहीं मिलता है। पहले इसका बजट लगभग चार करोड़ रुपये का बना था लेकिन अब एडीए ने इसमें कटौती करते हुए एक करोड़ 54 लाख का बजट तैयार किया है। बोर्ड की बैठक में इस पार्क को बनाने की सहमति बनी थी। जिस पर एडीए की ओर से प्रस्तावित बजट को पुनरीक्षण के लिए इसे पीडब्ल्यूडी के पास भेजा गया था। जिस पर पीडब्ल्यूडी ने अपनी सहमति दे दी है। एडीए सचिव बैजनाथ ने कहा कि पार्क के निर्माण के लिए एक करोड़ 54 लाख के बजट का प्रस्ताव तैयार किया गया था। जिसे पुनरीक्षण के लिए पीडब्ल्यूडी के पास भेजा गया था। जिस पर उनकी स्वीकृति मिल गई है। अब नगरपालिका अपनी एनओसी दे दे तो हम पार्क का निर्माण शुरू करें।
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पीएम अफोर्डेबल आवास के निर्माण के लिए एडीए को जिला प्रशासन की ओर से होमगार्ड ऑफिस के सामने नदी किनारे जमीन का आवंटन किया। एडीए इस पर आवासों के निर्माण की कवायद में जुटा था तभी इस भूमि के एनजीटी के दायरे में आने के कारण निर्माण रुक गया। इसके बाद से यह जमीन खाली पड़ी है। दशहरा और दीपावली में जिला प्रशासन द्वारा इस जमीन पर गड्ढ़ा बनाकर मूर्तियों का विसर्जन कराया जाता है। खाली पड़ी इस जमीन पर एडीए पार्क बनाने की कवायद सालों से कर रहा है लेकिन अब तक उसे सफलता नहीं मिली। कभी इसका बजट अधिक होने के कारण निर्माण रूक जाता तो कभी इसकी देखरेख करने वाला कोई नहीं मिलता है। पहले इसका बजट लगभग चार करोड़ रुपये का बना था लेकिन अब एडीए ने इसमें कटौती करते हुए एक करोड़ 54 लाख का बजट तैयार किया है। बोर्ड की बैठक में इस पार्क को बनाने की सहमति बनी थी। जिस पर एडीए की ओर से प्रस्तावित बजट को पुनरीक्षण के लिए इसे पीडब्ल्यूडी के पास भेजा गया था। जिस पर पीडब्ल्यूडी ने अपनी सहमति दे दी है। एडीए सचिव बैजनाथ ने कहा कि पार्क के निर्माण के लिए एक करोड़ 54 लाख के बजट का प्रस्ताव तैयार किया गया था। जिसे पुनरीक्षण के लिए पीडब्ल्यूडी के पास भेजा गया था। जिस पर उनकी स्वीकृति मिल गई है। अब नगरपालिका अपनी एनओसी दे दे तो हम पार्क का निर्माण शुरू करें।
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