Azamgarh: एयरपोर्ट विस्तारीकरण के विरोध में आंदोलन के 100 दिन पूरे, गणतंत्र दिवस पर निकलेगी किसानों की परेड
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मंदुरी एयरपोर्ट के विस्तारीकरण का किसान जबर्दस्त विरोध कर रहे हैं। खिरिया बाग में जमीन मकान बचाओ संयुक्त मोर्चा के तत्वाधान में चल रहा धरना शनिवार को 101वें दिन जारी रहा।
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यूपी के आजमगढ़ स्थित मंदुरी हवाई अड्डा विस्तारीकरण को लेकर विरोध लगातार जारी है। अब तो दिल्ली की तर्ज पर गणतंत्र दिवस पर किसानों की परेड निकालने की तैयारी आंदोलनकारी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह हमारे जमीर व जमीन की लड़ाई है। जान दे देंगे पर जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे।
ग्रामीण जिला प्रशासन की कवायद से भी काफी नाराज हैं और हवाईअड्डा विस्तारीकरण प्रस्ताव के वापस होने तक आंदोलन चलाने का निर्णय ले चुके है। लोगों का कहना है कि सरकार की योजना से किसान जमीन के साथ ही मकान तक से हाथ धो देंगे। न खाने को होगा न रहने को। ऐसे में शासन-प्रशासन के दबाव में हम झुकने वाले नहीं है। अपनी धरती मां का किसी भी कीमत पर सौदा नहीं करेंगे।
खिरिया बाग में जमीन मकान बचाओ संयुक्त मोर्चा के तत्वाधान में चल रहा धरना शनिवार को 101वें दिन जारी रहा। धरने को संबोधित करते हुए किसान-मजदूर नेताओं ने कहा कि खिरियां बाग की लड़ाई को जीत तक पहुंचाना हम सबकी जिम्मेदारी है, क्योंकि यह पूरे पूर्वांचल के मजदूर, किसान, छात्र, नौजवानों पर छाप डालेगा।
जमीर व जमीन के साथ ही अस्तित्व की लड़ाई
संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय समन्वयक राजीव यादव ने कहा कि हम आंदोलन अपनी धरती मां को बचाने के लिए कर रहे हैं। यह हमारे जमीर व जमीन के साथ ही अस्तित्व की लड़ाई है। जब तक विस्तारीकरण का प्रस्ताव वापस नहीं हो जाता तब तक हमारा आंदोलन चलता रहेगा। प्रस्ताव में शामिल किसी भी गांव की एक इंच कृषि योग्य व आवासीय जमीन अब हम सरकार के किसी भी योजना में नहीं देंगे।
पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव विरेंद्र यादव ने कहा कि खिरिया बाग की लड़ाई अपने अस्तित्व को बचाने की लड़ाई है। यहां के किसानों के सिर से छत व पेट भरने वाली कृषि भूमि को बचाने को लेकर संघर्ष है। 26 जनवरी को किसान अपनी ताकत दिखाएंगे और खिरिया से जिला मुख्यालय तक पैदल परेड करेंगे। जिसमें पूर्वांचल के किसान भी शामिल होंगे।
ग्रामीणों को बरगला कर सहमति पत्र भरवाया जा रहा
जमीन मकान बचाओ संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रामनयन यादव ने कहा कि जबरन ग्रामीणों को बरगला कर सहमति पत्र भरवाया जा रहा है जबकि किसी भी गांव का किसान जमीन व मकान देने को तैयार नहीं है। वहीं आंदोलनकारी नीलम, फूलमती व किसमती ने कहा कि जो हवाईअड्डा अब तक बना है, उसकी शुरूआत ही सरकार नहीं कर सकी है। सिर्फ हमारी जमीन को लेकर पूंजीपतियों को देने की तैयारी है। जमीन व मकान छिनने के डर से अब तक आधा दर्जन से अधिक लोग शहीद हो चुके है।
अपने लोगों की शहादत हम बेकार नहीं होने देंगे। मरते दम तक विस्तारीकरण योजना का विरोध करते रहेंगे। धरने को रामजी सिंह, अफलातून, चौधरी राजेंद्र, रितेश विद्यार्थी, राहुल विद्यार्थी, सत्यनारायण सिंह, तेज नारायण सिंह, क्रांति नारायण सिंह, विनोद सिंह, ओमप्रकाश सिंह आदि ने भी संबोधित किया।