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Azamgarh News: बारिश में कान में पानी जाने से बचाएं, नहीं तो हो सकता है ओटोमाइकोसिस

Wed, 08 Jul 2026 12:16 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2026 12:16 AM IST
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Protect your ears from getting water in the rain, or you might get otomycosis
जिला अस्पताल में ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
आजमगढ़। बारिश के मौसम में बढ़ी उमस और नमी के कारण कानों में फंगल इंफेक्शन (ओटोमाइकोसिस) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिला अस्पताल के ईएनटी (नाक, कान एवं गला) विभाग की ओपीडी में 80 मरीज हर इस समस्या से पीड़ित होकर आ रहे हैं।
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जिला अस्पताल के नाक, कान व गला रोग विशेषज्ञ डॉ. रामकेवल ने बताया कि ओपीडी में हर दिन 180 मरीज आ रहे हैं। जुलाई से अक्तूबर तक कान के अंदर नमी बनी रहने से फंगस तेजी से पनपता है। कई लोग नहाने या बारिश में भीगने के बाद कानों को ठीक से नहीं सुखाते हैं।
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इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। कुछ लोग कान खुजलाने के लिए माचिस की तीली, हेयरपिन, चाबी या कॉटन बड का इस्तेमाल करते हैं, इससे कान की त्वचा पर सूक्ष्म घाव बन जाते हैं। फंगस को बढ़ने का मौका मिल जाता है। सलाह दी कि यदि कान में पानी चला जाए तो तुरंत साफ तीली में रूई लपेटकर या मुलायम सूती कपड़े से बाहरी हिस्से को धीरे-धीरे सुखा लें। तेज दर्द, मवाद, पर्दे में छेद या गंभीर संक्रमण की स्थिति में बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी तेल या दवा कान में नहीं डालनी चाहिए।
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