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भगत सिंह की जयंती पर निकाला जुलूस, बेरोजगारी के खिलाफ भरी हुंकार
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रैदोपुर में अमर शहीद भगत सिंह के जयंती पर मार्च निकालते वामंपथी संगठनों के कार्यकर्ता।
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 113वीं जयंती पर देशव्यापी शिक्षा रोजगार अधिकार दिवस के तहत जनवादी लोकमंच, किसान संग्राम समिति, अखिल भारतीय प्रगतिशील छात्र मंच की तरफ से डीएवी कॉलेज गेट से जुलूस निकला गया। जुलूस रैदोपुर स्थित भगत सिंह की प्रतिमा पर पहुंचा तो वहां माल्यार्पण कार्यक्रम किया गया। कलेक्ट्रेट भवन होते हुए कॉलेज गेट पर पहुंच ‘भगत सिंह तू जिंदा है...’ गीत के साथ जुलूस का समापन हुआ।
जुलूस में निजीकरण, बेरोजगारी, महंगाई, गरीबी, भुखमरी, किसान-मजदूर-छात्र विरोधी नीतियों, नई शिक्षा नीति की साम्राज्यवादी नीतियों के खिलाफ नारे लगाते हुए छात्रों ने भगत सिंह के सपने को पूरा करने की प्रतिज्ञा ली। शहीद ए आजम भगत सिंह का मकसद आजादी के 73 वर्ष बाद भी पूरा न होना, उनके चाहने वाले देशभक्तों और शोषण के विरुद्ध लड़ने वालों के सामने एक चुनौती है। डॉ. रवींद्र नाथ राय, अवधेश, प्रशांत, दान बहादुर, तेज बहादुर, हरिकेश, दुखहरण, राहुल, आकाश, विजय, संदीप, अजय, राकेश, श्रेय, उत्तम,रामाश्रय अजीत, सुजीत आदि थे।
मेहनाजपुर। शहीद भगत सिंह की जयंती पर क्षेत्र में युवाओं ने तिरंगा यात्रा निकाली। भंवरपुर बाजार से सिधौना पाल्हमेश्वरी धाम तक तिरंगा यात्रा निकाली गई। शहीद भगत सिंह की तस्वीर के साथ भारत माता की जय के नारों के साथ यात्रा निकाली गई। पाल्हमेश्वरी धाम पर लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए। पूर्व जिला पंचायत सदस्य अशोक सिंह ने कहा आजादी के दीवानों में सबसे बड़ा नाम शहीद भगत सिंह का है। उन्होंने क्रांति को नया आयाम दिया था। युवाओं को नया रास्ता दिखाया था। हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिए थे। अशोक सिंह, अमन, गगन, चंद्रपॉल, गोलू, रविषेक सिंह, ईशु, छोटू आदि थे।
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जुलूस में निजीकरण, बेरोजगारी, महंगाई, गरीबी, भुखमरी, किसान-मजदूर-छात्र विरोधी नीतियों, नई शिक्षा नीति की साम्राज्यवादी नीतियों के खिलाफ नारे लगाते हुए छात्रों ने भगत सिंह के सपने को पूरा करने की प्रतिज्ञा ली। शहीद ए आजम भगत सिंह का मकसद आजादी के 73 वर्ष बाद भी पूरा न होना, उनके चाहने वाले देशभक्तों और शोषण के विरुद्ध लड़ने वालों के सामने एक चुनौती है। डॉ. रवींद्र नाथ राय, अवधेश, प्रशांत, दान बहादुर, तेज बहादुर, हरिकेश, दुखहरण, राहुल, आकाश, विजय, संदीप, अजय, राकेश, श्रेय, उत्तम,रामाश्रय अजीत, सुजीत आदि थे।
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मेहनाजपुर। शहीद भगत सिंह की जयंती पर क्षेत्र में युवाओं ने तिरंगा यात्रा निकाली। भंवरपुर बाजार से सिधौना पाल्हमेश्वरी धाम तक तिरंगा यात्रा निकाली गई। शहीद भगत सिंह की तस्वीर के साथ भारत माता की जय के नारों के साथ यात्रा निकाली गई। पाल्हमेश्वरी धाम पर लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए। पूर्व जिला पंचायत सदस्य अशोक सिंह ने कहा आजादी के दीवानों में सबसे बड़ा नाम शहीद भगत सिंह का है। उन्होंने क्रांति को नया आयाम दिया था। युवाओं को नया रास्ता दिखाया था। हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिए थे। अशोक सिंह, अमन, गगन, चंद्रपॉल, गोलू, रविषेक सिंह, ईशु, छोटू आदि थे।
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