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विधायक ने उठाया मुबारकपुर के बुनकरों का मुद्दा, भेजी 27 हजार की लिस्ट
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आजमगढ़। जनपद में हॉटस्पाट बने मुबारकपुर बुनकरों के सामने रमजान के महीने में अजीविका चलाने की समस्या के अमर उजाला की ओर से उठाने के बाद इसका असर दिखने लगा है। स्थानीय विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने इसे मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए जिलाधिकारी को पत्र सौंपा है। साथ ही लगभग 27 हजार बुनकरों की लिस्ट भी सौंपी है। इसके साथ ही इन बुनकरों को मुख्यमंत्री आपदा कोष से राहत दिलाने की गुहार लगाई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह ने इस लिस्ट को जांच के लिए ईओ मुबारकपुर और बीडीओ सठियांव के पास भेजा है। जांच के बाद पात्र लोगों को मदद दी जाएगी।
जनपद के मुबारकपुर क्षेत्र की पहचान उसकी रेशमी साड़ियों से होती है। सालाना एक अरब से ज्यादा का कारोबार होती है। कोरोना संक्रमण को लेकर एक माह से ज्यादा समय से जारी लॉकडाउन के कारण करघों और पावर लूम का शोर थम सा गया है। कच्चा माल खत्म हो गया है। व्यापारियों के यहां स्टाक भरा है। बुनकरों के सामने अजीविका चलाने की समस्या आ खड़ी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो मनरेगा का माध्यम से मजदूर वर्ग को काम मिलने लगा है, लेकिन हाटस्पाट होने से मुबारकपुर क्षेत्र में किसी को काम भी नहीं मिल पा रहा है। रमजान के इस पाक माह में उनके सामने खाने की भी समस्या हो रही है। अमर उजाला ने 23 अप्रैल के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
मुबारकपुर से बसपा विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने इस मुद्दे को प्रमुखता के साथ जिलाधिकारी एनपी सिंह के समक्ष रखा है। इसके साथ ही उन्होंने 27 हजार ऐसे बुनकरों की लिस्ट सौंपी है, जो शासन की राशनकार्ड, पेंशन आदि योजनाओं से आच्छादित नहीं हैं। इस लिस्ट को सभासदों आदि की ओर से तैयार किया गया है। उन्होंने जिलाधिकारी से ऐसे लोगों को मुख्यमंत्री आपदा कोष से राहत दिलाने की मांग की है। डीएम के निर्देश पर एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह ने इस सूची को जांच के लिए ईओ मुबारकपुर और बीडीओ सठियांव को भेजा है। जांच के बाद यदि इन लोगों को मुख्यमंत्री आपदा कोष से मिलने वाली एक हजार की धनराशि और तहसील से मिलने वाला राशन नहीं मिलने पर इन लोगों उक्त मदद दी जाएगी।
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शासन के निर्देश पर सरकारी योजनाओं से अच्छादित न होने वाले गरीब, मजदूर, दिहाड़ीदीरों को चिह्नित कर एक हजार रुपये और राशन कार्ड न बनने तक तहसील से एक-एक सप्ताह का राशन क्रमवार दिया गया है। यदि इन लोगों को ये मदद नहीं मिली होती तो इनको भी मदद पहुंचाई जाएगी। स्पेशल पैकेज आदि के बारे में शासन की ओर से ही निर्णय लिया जा सकता है। - एनपी सिंह, जिलाधिकारी
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जनपद के मुबारकपुर क्षेत्र की पहचान उसकी रेशमी साड़ियों से होती है। सालाना एक अरब से ज्यादा का कारोबार होती है। कोरोना संक्रमण को लेकर एक माह से ज्यादा समय से जारी लॉकडाउन के कारण करघों और पावर लूम का शोर थम सा गया है। कच्चा माल खत्म हो गया है। व्यापारियों के यहां स्टाक भरा है। बुनकरों के सामने अजीविका चलाने की समस्या आ खड़ी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो मनरेगा का माध्यम से मजदूर वर्ग को काम मिलने लगा है, लेकिन हाटस्पाट होने से मुबारकपुर क्षेत्र में किसी को काम भी नहीं मिल पा रहा है। रमजान के इस पाक माह में उनके सामने खाने की भी समस्या हो रही है। अमर उजाला ने 23 अप्रैल के अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
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मुबारकपुर से बसपा विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने इस मुद्दे को प्रमुखता के साथ जिलाधिकारी एनपी सिंह के समक्ष रखा है। इसके साथ ही उन्होंने 27 हजार ऐसे बुनकरों की लिस्ट सौंपी है, जो शासन की राशनकार्ड, पेंशन आदि योजनाओं से आच्छादित नहीं हैं। इस लिस्ट को सभासदों आदि की ओर से तैयार किया गया है। उन्होंने जिलाधिकारी से ऐसे लोगों को मुख्यमंत्री आपदा कोष से राहत दिलाने की मांग की है। डीएम के निर्देश पर एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह ने इस सूची को जांच के लिए ईओ मुबारकपुर और बीडीओ सठियांव को भेजा है। जांच के बाद यदि इन लोगों को मुख्यमंत्री आपदा कोष से मिलने वाली एक हजार की धनराशि और तहसील से मिलने वाला राशन नहीं मिलने पर इन लोगों उक्त मदद दी जाएगी।
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शासन के निर्देश पर सरकारी योजनाओं से अच्छादित न होने वाले गरीब, मजदूर, दिहाड़ीदीरों को चिह्नित कर एक हजार रुपये और राशन कार्ड न बनने तक तहसील से एक-एक सप्ताह का राशन क्रमवार दिया गया है। यदि इन लोगों को ये मदद नहीं मिली होती तो इनको भी मदद पहुंचाई जाएगी। स्पेशल पैकेज आदि के बारे में शासन की ओर से ही निर्णय लिया जा सकता है। - एनपी सिंह, जिलाधिकारी