{"_id":"6aa1aa9756f5c3634300a116","slug":"private-hospitals-directed-to-upload-monthly-delivery-reports-on-hmis-cmo-azamgarh-news-c-258-1-rdp1005-156818-2026-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजी अस्पतालों को हर महीने एचएमआईएस पर प्रसव की रिपोर्ट अपलोड करने के निर्देश : सीएमओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजी अस्पतालों को हर महीने एचएमआईएस पर प्रसव की रिपोर्ट अपलोड करने के निर्देश : सीएमओ
विज्ञापन
संस्थागत प्रसव की निगरानी और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए बुधवार को सीएमओ कार्यालय के सभागार में निजी चिकित्सालयों व नर्सिंग होम संचालकों की समीक्षा बैठक हुई।
इसमें निजी स्वास्थ्य संस्थानों में होने वाले प्रसव की सूचना स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) पोर्टल पर नियमित रूप से दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।
सीएमओ डॉ. एनआर वर्मा ने कहा कि प्रत्येक निजी अस्पताल और नर्सिंग होम अपने यहां होने वाले प्रसव की मासिक सूचना अनिवार्य रूप से एचएमआईएस पोर्टल पर अपलोड करें। साथ ही इसकी रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
विज्ञापन
रिपोर्टिंग में लापरवाही या निर्धारित समय पर सूचना उपलब्ध नहीं कराने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि एचएमआईएस भारत सरकार का महत्वपूर्ण पोर्टल है।
इसमें गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण और देखभाल से लेकर प्रसव, नवजात के जन्म तथा टीकाकरण तक की जानकारी दर्ज होती है। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा कर सुधार की कार्ययोजना तैयार की जाती है।
अप्रैल से अगस्त तक निजी अस्पतालों में हुए संस्थागत प्रसव की सूचनाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान नागरिक पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) के बारे में भी जानकारी दी गई।
सीएमओ ने कहा कि जन्म-मृत्यु का समयबद्ध पंजीकरण नागरिकों को जरूरी प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के साथ जिले के सही आंकड़े तैयार करने के लिए भी महत्वपूर्ण है। बैठक में एसीएमओ डॉ. उमाशरण पांडेय, डिप्टी सीएमओ डॉ. अविनाश झा, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना मैसी समेत निजी अस्पतालों के संचालक और चिकित्सक मौजूद रहे।
विज्ञापन
इसमें निजी स्वास्थ्य संस्थानों में होने वाले प्रसव की सूचना स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली (एचएमआईएस) पोर्टल पर नियमित रूप से दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. एनआर वर्मा ने कहा कि प्रत्येक निजी अस्पताल और नर्सिंग होम अपने यहां होने वाले प्रसव की मासिक सूचना अनिवार्य रूप से एचएमआईएस पोर्टल पर अपलोड करें। साथ ही इसकी रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।
विज्ञापन
रिपोर्टिंग में लापरवाही या निर्धारित समय पर सूचना उपलब्ध नहीं कराने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि एचएमआईएस भारत सरकार का महत्वपूर्ण पोर्टल है।
इसमें गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण और देखभाल से लेकर प्रसव, नवजात के जन्म तथा टीकाकरण तक की जानकारी दर्ज होती है। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा कर सुधार की कार्ययोजना तैयार की जाती है।
अप्रैल से अगस्त तक निजी अस्पतालों में हुए संस्थागत प्रसव की सूचनाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान नागरिक पंजीकरण प्रणाली (सीआरएस) के बारे में भी जानकारी दी गई।
सीएमओ ने कहा कि जन्म-मृत्यु का समयबद्ध पंजीकरण नागरिकों को जरूरी प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के साथ जिले के सही आंकड़े तैयार करने के लिए भी महत्वपूर्ण है। बैठक में एसीएमओ डॉ. उमाशरण पांडेय, डिप्टी सीएमओ डॉ. अविनाश झा, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना मैसी समेत निजी अस्पतालों के संचालक और चिकित्सक मौजूद रहे।