आजमगढ़। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नितिका राजन ने सोमवार को जिला कारागार का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कारागार में कुल 1251 बंदी निरुद्ध पाए गए, जिनमें 50 महिला तथा 1201 पुरुष बंदी शामिल हैं। सबसे पहले बाल बैरक का निरीक्षण किया। यहां 56 अल्पवयस्क बंदी पाए गए। पूछताछ के दौरान अल्पवयस्क बंदी ने बताया कि उनके मुकदमों की पैरवी के लिए कोई अधिवक्ता नामित नहीं है। इस पर सचिव ने जेल अधिकारियों को उसे अधिवक्ता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कारागार परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई। उन्होंने बताया कि जिन बंदियों के पास अधिवक्ता नहीं हैं, उनका प्रार्थना-पत्र तैयार कर जेल अधीक्षक सत्यापित कर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजे। इसके बाद उन्होंने पाकशाला के निरीक्षण किया, पाया कि प्रतिदिन का मेनू अंकित किया जाता है। आज के मेनू में रोटी, चावल, अरहर की दाल और सब्जी बनाई गई मिली। निरीक्षण के दौरान बंदियों के हिस्ट्री टिकट में अधिवक्ताओं के नाम दर्ज नहीं पाए गए, जिस पर जेल अधीक्षक को निर्देश दिया गया कि सभी बंदियों के हिस्ट्री टिकट पर उनके प्राइवेट अथवा सरकारी अधिवक्ता का नाम दर्ज कराया जाए, ताकि मुकदमों की पैरवी की जानकारी उपलब्ध हो सके। इसके बाद जेल चिकित्सालय का निरीक्षण किया गया, जहां 6 पुरुष बंदी भर्ती पाए गए। महिला बैरक के निरीक्षण में बंदियों ने बताया कि उनके मुकदमों की पैरवी के लिए अधिवक्ता नामित हैं। इस अवसर पर जेल अधीक्षक आनंद शुक्ला, जेलर अनिल सिंह, डिप्टी जेलर वीरेश्वर प्रताप सिंह, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल आशीष कुमार राय, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस कांन्स काउन्सिल प्रवीण कुमार सिंह, असिस्टेंट लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल अतुल कुमार राय तथा जेल के पराविधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।