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शिक्षामित्र को पीटने के मामले में वाला प्रिंसिपल बेटे संग गिरफ्तार
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Tue, 30 Jan 2018 12:45 AM IST
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घायल शिक्षामित्र सुधा सिंह जिला अस्पताल में भर्ती।
- फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़ के बरदह थाना क्षेत्र के नर्वे गांव में स्थित प्राइमरी स्कूल पर रविवार को शिक्षामित्र सुधा सिंह को पीटने वाले प्रिंसिपल ओमप्रकाश सिंह और उनके बेटे आलोक सिंह उर्फ रवि को सुबह बरदह थाने के केदलीपुर गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
इनके पास से एक तमंचा भी बरामद हुआ। जिसे लेकर वह शिक्षामित्र को धमकी दे रहा था। पुलिस ने आलोक का आर्मस एक्ट में चालान किया है, जबकि पिता ओमप्रकाश का सिर्फ शांति भंग की धारा में चालान किया गया है।
हालांकि पुलिस का कहना था कि पीड़िता का न्यायालय में कलमबंद बयान के बाद ओमप्रकाश के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन हल्की कार्रवाई को लेकर पीड़ित पक्ष पुलिस की कार्रवाई पर अंगुली उठा रहा था। जबकि घायल शिक्षामित्र का दूसरे दिन सोमवार को जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था।
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नर्वे गांव में स्थित प्राइमरी स्कूल रविवार की सुबह नहीं खुला था। जबकि शिक्षा मित्र सुधा सिंह स्कूल पहुंच गई थी। स्कूल न खुलने पर सुधा ने प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश सिंह को फोन किया, लेकिन ओमप्रकाश सिंह 11 बजे तक स्कूल नहीं पहुंचे ना ही चाबी ही भेजवाए।
इस पर सुधा सिंह ने एबीएसए को फोन कर सूचना दे दी। एबीएसए ने प्रधानाध्यापक को फटकार लगाते हुए तुरंत स्कूल खोलने का निर्देश दिया। एबीएसए की डांट से नाराज ओमप्रकाश सिंह अपने बेटे आलोक सिंह उर्फ रवि के साथ स्कूल पर पहुंचे और शिक्षा मित्र से झगड़ा करने लगे।
इसी बीच दोनों सुधा का बाल नोंचकर उसे पीटने लगे। इस दौरान सुधा के बेटे को भी चोटें आ गई। ग्रामीणों ने बीच बचाव किया। घटना के संबंध में सुधा सिंह ने तहरीर देकर पिता-पुत्र के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। घायल सुधा का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
उधर सोमवार की सुबह मुखबिर की सूचना पर एसओ बरदह सुरेश चंद्र ने केदलीपुर गांव के पास से ओमप्रकाश सिंह और उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से एक तमंचा भी बरामद हुआ।
पुलिस ने आर्मस् एक्ट की धारा में आलोक का चालान कर दी, जबकि ओमप्रकाश का शांति भंग की धारा में चालान करते हुए मार्टीनगंज तहसील भेज दिया। उधर एक ही घटना में बेटे का आर्मस् एक्ट और पिता का शांतिभंग में चालान किए जाने को लेकर चर्चाओं का बाजार गरम है।
ओमप्रकाश और उसके बेटे के विरुद्ध दर्ज रिपोर्ट की धाराओं में एसओ को जमानत देने का अधिकार है। जबकि आर्मस् एक्ट में नहीं है। चूंकि घटना के समय आलोक तमंचा लिया था। इसलिए उसका आर्मस् एक्ट में चालान हुआ। ओमप्रकाश को अन्य मा मलों में जमानत देने के बाद शांति भंग में चालान किया गया। महिला का 164 के तहत कलमबंद बयान कराया जाएगा। बयान में जो भी आरोप होंगे। उसके तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। - सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी सिटी
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इनके पास से एक तमंचा भी बरामद हुआ। जिसे लेकर वह शिक्षामित्र को धमकी दे रहा था। पुलिस ने आलोक का आर्मस एक्ट में चालान किया है, जबकि पिता ओमप्रकाश का सिर्फ शांति भंग की धारा में चालान किया गया है।
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हालांकि पुलिस का कहना था कि पीड़िता का न्यायालय में कलमबंद बयान के बाद ओमप्रकाश के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन हल्की कार्रवाई को लेकर पीड़ित पक्ष पुलिस की कार्रवाई पर अंगुली उठा रहा था। जबकि घायल शिक्षामित्र का दूसरे दिन सोमवार को जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था।
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नर्वे गांव में स्थित प्राइमरी स्कूल रविवार की सुबह नहीं खुला था। जबकि शिक्षा मित्र सुधा सिंह स्कूल पहुंच गई थी। स्कूल न खुलने पर सुधा ने प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश सिंह को फोन किया, लेकिन ओमप्रकाश सिंह 11 बजे तक स्कूल नहीं पहुंचे ना ही चाबी ही भेजवाए।
इस पर सुधा सिंह ने एबीएसए को फोन कर सूचना दे दी। एबीएसए ने प्रधानाध्यापक को फटकार लगाते हुए तुरंत स्कूल खोलने का निर्देश दिया। एबीएसए की डांट से नाराज ओमप्रकाश सिंह अपने बेटे आलोक सिंह उर्फ रवि के साथ स्कूल पर पहुंचे और शिक्षा मित्र से झगड़ा करने लगे।
इसी बीच दोनों सुधा का बाल नोंचकर उसे पीटने लगे। इस दौरान सुधा के बेटे को भी चोटें आ गई। ग्रामीणों ने बीच बचाव किया। घटना के संबंध में सुधा सिंह ने तहरीर देकर पिता-पुत्र के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। घायल सुधा का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
उधर सोमवार की सुबह मुखबिर की सूचना पर एसओ बरदह सुरेश चंद्र ने केदलीपुर गांव के पास से ओमप्रकाश सिंह और उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से एक तमंचा भी बरामद हुआ।
पुलिस ने आर्मस् एक्ट की धारा में आलोक का चालान कर दी, जबकि ओमप्रकाश का शांति भंग की धारा में चालान करते हुए मार्टीनगंज तहसील भेज दिया। उधर एक ही घटना में बेटे का आर्मस् एक्ट और पिता का शांतिभंग में चालान किए जाने को लेकर चर्चाओं का बाजार गरम है।
ओमप्रकाश और उसके बेटे के विरुद्ध दर्ज रिपोर्ट की धाराओं में एसओ को जमानत देने का अधिकार है। जबकि आर्मस् एक्ट में नहीं है। चूंकि घटना के समय आलोक तमंचा लिया था। इसलिए उसका आर्मस् एक्ट में चालान हुआ। ओमप्रकाश को अन्य मा मलों में जमानत देने के बाद शांति भंग में चालान किया गया। महिला का 164 के तहत कलमबंद बयान कराया जाएगा। बयान में जो भी आरोप होंगे। उसके तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। - सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी सिटी