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नौनिहालों को तीसरी लहर से महफूज रखने की तैयारी
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आजमगढ़। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से बच्चों की सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बीमारी के लक्षण वाले 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को मेडिकल किट मुहैया कराई जा रही है। निगरानी समितियों के सदस्यों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह सभी गतिविधियां ‘कोरोना की जंग में हर जीवन अनमोल है’ अभियान के तहत चल रही हैं।
जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि निगरानी समितियों के माध्यम से कोविड के लक्षणयुक्त 18 साल से कम उम्र के बच्चों तक नि:शुल्क मेडिकल किट पहुंचाई जा रही है। सीएमओ डा. आईएन तिवारी ने बताया कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों को चार वर्गों में बांटकर दवा की किट तैयारी की गई है। जन्म से एक वर्ष, एक से पांच वर्ष, पांच से 12 वर्ष तक के बच्चों तथा 12 से 18 वर्ष के किशोर वय के लोगों के लिए अलग-अलग प्रकार किट बनाई गई है। निगरानी समितियों में 3650 आशा कार्यकर्ताओं शामिल हैं। उनको सघन जांच करके मेडिकल किट बांटने को कहा गया है। यह टीम संचारी रोग उन्मूलन अभियान के तहत मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के प्रति भी जागरूक कर रही है। जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक विपिन पाठक ने कहा कि कोविड की तीसरी लहर में बच्चों के सबसे अधिक प्रभावित होने की आशंका है। इसको देखते हुए योजना तैयार की गई है। कोविड पॉजिटिव बच्चों के लिए गृह उपचार और मेडिकल किट के बारे में आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्य कर्मी लोगों को जानकारी दे रहे हैं। बच्चों में कोविड के लक्षण दिखने पर नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच के बाद चिकित्सक की सलाह से ही दवा लेने की सलाह दी जा रही है।
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जिलाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि निगरानी समितियों के माध्यम से कोविड के लक्षणयुक्त 18 साल से कम उम्र के बच्चों तक नि:शुल्क मेडिकल किट पहुंचाई जा रही है। सीएमओ डा. आईएन तिवारी ने बताया कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों को चार वर्गों में बांटकर दवा की किट तैयारी की गई है। जन्म से एक वर्ष, एक से पांच वर्ष, पांच से 12 वर्ष तक के बच्चों तथा 12 से 18 वर्ष के किशोर वय के लोगों के लिए अलग-अलग प्रकार किट बनाई गई है। निगरानी समितियों में 3650 आशा कार्यकर्ताओं शामिल हैं। उनको सघन जांच करके मेडिकल किट बांटने को कहा गया है। यह टीम संचारी रोग उन्मूलन अभियान के तहत मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के प्रति भी जागरूक कर रही है। जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक विपिन पाठक ने कहा कि कोविड की तीसरी लहर में बच्चों के सबसे अधिक प्रभावित होने की आशंका है। इसको देखते हुए योजना तैयार की गई है। कोविड पॉजिटिव बच्चों के लिए गृह उपचार और मेडिकल किट के बारे में आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्य कर्मी लोगों को जानकारी दे रहे हैं। बच्चों में कोविड के लक्षण दिखने पर नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच के बाद चिकित्सक की सलाह से ही दवा लेने की सलाह दी जा रही है।
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