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Azamgarh: थानाध्यक्ष बिलरियागंज निलंबित, फर्जी रेप का मुकदमा दर्ज कर भेजा जेल, पीड़ित पक्ष ने की थी शिकायत

Wed, 13 Nov 2024 08:50 PM IST
नितीश कुमार पांडेय अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़ Published by: नितीश कुमार पांडेय Updated Wed, 13 Nov 2024 08:50 PM IST
सार

आजमगढ़ के बिलरियागंज में थानाध्यक्ष के निलंबन का आदेश हुआ। बताते चलें कि पीड़ित पक्ष ने रेप के फर्जी आरोप में जेल भेजने का आरोप लगाया और मामले की जांच में थानाध्यक्ष का दोष सामने आया जिस पर कार्रवाई हुई।
 

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Police station in-charge Bilariaganj suspended sent to jail after registering fake rape case
निलंबित थानाध्यक्ष - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

फर्जी रेप का मुकदमा दर्ज कर युवक को जेल भेजने के मामले में बुधवार को पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना ने बिलरियागंज थानाध्यक्ष विनय कुमार सिंह को निलम्बित कर दिया है। उक्त कार्रवाई जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने की है। फर्जी रेप के मामले की जांच पुलिस उपमहानिरीक्षक वैभव कृष्ण के निर्देश पर मऊ जिले को स्थानान्तरण किया है। बता दें कि बिलरियागंज थाना निवासी एक महिला ने 21 अक्टूबर को पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) वैभव कृष्ण के कार्यालय में उपस्थित होकर बिलरियांगज थानाध्यक्ष विनय कुमार सिंह के खिलाफ शिकायत की थी। महिला का आरोप हैं कि उसके बड़े बेटे ने अपनी पत्नी को तलाक का नोटिस भेजा था। तलाक का नोटिस भेजने के कुछ ही दिन बाद बड़े बेटे की पत्नी ने अपने देवर पर फर्जी रेप का मुकदमा थाने में दर्ज कराया।

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यह मुकदमा पुलिसकर्मियों व थानाध्यक्ष की मिलीभगत से हुआ है। इसकी शिकायत मिलने पर पुलिस उपमहानिरीक्षक वैभव कृष्ण ने पुलिस अधीक्षक को इस मामले की जांच एसपी ग्रामीण से कराने का निर्देश दिया गया। जहां जांच में पाया गया कि मामला संदिग्ध है। क्योंकि थानाध्यक्ष ने मुकदमा दर्ज करने के चार दिन बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले में नहीं किसी का बयान लिया गया ना ही फॉरेंसिक साक्ष्य ही जुटाए। इतना ही नहीं घटना स्थल का निरीक्षण भी नहीं किया गया। मुकदमें में पति-पत्नी के तलाक का कोई भी जिक्र नहीं किया गया है। गिरफ्तारी भी साक्ष्यों के आधार पर नहीं की गई है। रिपोर्ट आने के बाद डीआईजी के निर्देश पर एसपी हेमराज मीना ने थानाध्यक्ष विनय कुमार सिंह को निलम्बित कर दिया है। वहीं इस मुकदमे की जांच पुलिस उपमहानिरीक्षक ने मऊ जिले की पुलिस से कराने का निर्देश दिया है।
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अधिकारियों को थानाध्यक्ष ने भ्रम में रखा
जांच में यह पाया गया कि थानाध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने इस मामले को लेकर अधिकारियों को भी भ्रम में रखा। इस मामले में कोई भी सही जानकारी थानाध्यक्ष द्वारा अधिकारियों को नहीं तो समय पर दी गई और ना ही सही रूप से इस मामले को बताया गया। जिससे यह प्रतीत होता हैं कि थानाध्यक्ष दूसरे पक्ष से मिले हुए थे।

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