आजमगढ़: सवा तीन लाख के नकली नोट बरामद, गैंग में दो महिलाएं शामिल, पूछताछ में किया बड़ा खुलासा
पकड़े गए आरोपी 10 लाख रुपये से ज्यादा की नकली करेंसी चला चुके हैं। ऐसा वो एक साल से करते आ रहे हैं। पुलिस ने बताया कि दो आरोपी मौके से फरार होने में सफल भी रहे।
विस्तार
आजमगढ़ जिले की शहर कोतवाली पुलिस ने बुधवार शाम बाग लखराव पुल के पास से दो महिलाओं समेत छह लोगों को 3.15 लाख रुपये की नकली करेंसी के साथ गिरफ्तार किया। लोग एक साल से नकली नोट के कारोबार में शामिल हैं। अब तक 10 लाख रुपये से अधिक के नकली नोट चला चुके हैं। वहीं, मौके से दो लोग भाग निकलने में सफल रहे।
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान एसपी सिटी शैलेंद्र लाल ने बताया कि बुधवार शाम एसपी के निर्देश पर शहर कोतवाली पुलिस अलग-अलग टीम बना कर चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान बाग लखराव पुल के पास स्थित प्राचीन मंदिर के बरामदे में छह लोग मिले। जब पुलिस टीम ने इनकी तलाशी ली तो इनके पास से सवा तीन लाख रुपये की नकली करेंसी बरामद हुई। इस दौरान दो अन्य अभियुक्त मौके से भाग निकलने में सफल रहे।
एसपी सिटी ने बताया कि पूछताछ में पकड़े गए अभियुक्तों ने अपना नाम रामचेत यादव उर्फ साधू पुत्र राजा यादव, प्रेम विश्वकर्मा पुत्र रामकेश विश्वकर्मा निवासी सहदेवगंज थाना महराजगंज, आशीष चंद पुत्र गुलाबचंद निवासी इस्माइलपुर थाना रौनापार, राजेश सिंह पुत्र देवनरायन सिंह निवासी बनहरा थाना रौनापार, मनीता पत्नी अशोक कुमार निवासी गोरखपुर थाना महराजगंज व सुषमा विश्वकर्मा पत्नी रमेश विश्वकर्मा निवासी तेरही थाना कप्तानगंज शामिल हैं।
दोनों महिलाओं को आशीष पुत्र गुलाब बाइक से लेकर आया था। वहीं अन्य साथी फरार अभियुक्त सत्यजीत सिंह के साथ कार से आए थे। ये लोग एक साल से नकली नोट चलाने का काम कर रहे थे। अब तक लगभग 10 लाख की जाली करेंसी चलाने की बात स्वीकार की है।
इन्होंने बताया कि फरार अभियुक्त सत्यजीत सिंह अपने भाई राजेश सिंह के साथ मिल कर जाली करेंसी तैयार करता है और फिर उसे पकड़े गए लोगों के माध्यम से संचालित कराता है। एसपी सिटी ने बताया कि नकली नोट पकड़े वाली पुलिस टीम को एसपी अनुराग आर्य ने ढाई हजार रुपये का इनाम दिए जाने की घोषणा की है।
एक अभियुक्त के पास पुलिस की वर्दी
एसपी सिटी ने बताया कि जाली नोटों के साथ पकड़े गए एक अभियुक्त रामचेत ने अपने पास उपनिरीक्षक स्तर की वर्दी भी रखी है। जिसे वह नकली नोट के परिवहन के दौरान पुलिस को चकमा देने के लिए प्रयोग करता था। उन्होंने बताया कि प्रेम विश्वकर्मा जाली नोट चलाने के लिए एजेंट तैयार करता था तो वहीं पकड़ी गई दोनों महिलाओं के माध्यम से नकली नोट की डिलिवरी कराई जाती थी।
चाय व पान की दुकानों पर होती थी नोटों की डिलिवरी
पकड़े गए अभियुक्तों ने बताया कि नकली नोट की डिलिवरी चाय, पान, चाट आदि की दुकानों पर की जाती थी। महिलाएं शहर के बवाली मोड़ से रोडवेज के बीच स्थित चाट की दुकानों के अलावा चांदपट्टी, महराजगंज, केवटहिया आदि बाजारों में नकली नोट संचालित करती थीं।