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पिता पर सबूत नष्ट करने का केस, हो रही जांच
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आजमगढ़। बिलरियागंज थाना क्षेत्र के भदाव गांव निवासी युवती पिंकी के शव की पहचान के बाद पुलिस गुत्थी सुलझाने के प्रयास में जुटी हुई है। एसओ रौनापार दिनेश पाठक के मुताबिक 26 जुलाई की रात पिंकी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने के बाद उसके पिता कालिका गुप्ता आदि लाश को बोलेरो में रखकर पहले तो मऊ के दोहरीघाट में अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहे थे। रास्ते में गाड़ी खराब हो गई। इसकी जानकारी होने पर बोलेरो मालिक ने अपनी गाड़ी वापस मंगवा ली। लोग पिंकी का शव लेकर दोबारा घर आ गए। यहां कफन आदि हटाकर उसकी लाश एक बोरे में भरा और साइकल से ले जाकर बनकटा पुल के नीचे फेंककर फरार हो गए।
एसओ ने बताया कि जांच में पता चला कि पिंकी के घर किसी एक महिला रिश्तेदार ने फोन कर बताया था कि वह किसी और के साथ घूम रही थी। रिश्तेदार के फोन के बाद से ही उसके घर में कलह शुरू हुई थी। शुक्रवार को घर की तलाशी लेने पर पुलिस ने कफन बरामद कर लिया है। वहीं पिंकी के कमरे की तलाशी लेने पर एक लेटर बरामद हुआ जिसमें उसने अपनी महिला रिश्तेदार को दोषी ठहराया है। ऐसे में पुलिस लेटर के सत्यता की जांच के लिए उसे विशेषज्ञ के यहां भेजवा दिया है। एसओ रौनापार दिनेश पाठक ने बताया कि पिंकी के पिता सहित अन्य लोगों का बयान है कि पिंकी ने स्वयं आत्महत्या कर ली थी। उसे कोई लड़का परेशान कर रहा था। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर यदि बेटी को कोई परेशान कर रहा था तो घर वालों ने थाने में शिकायत क्यों नहीं किए, साथ ही पिंकी ने आत्महत्या ही कर ली तो पुलिस को क्यों सूचना नहीं दी और बगैर सूचना के ही लाश ठिकाने लगाने का प्रयास क्यों किया। इस मामले में कईयों की भूमिका संदिग्ध है। एसओ रौनापार दिनेश पाठक ने तहरीर देकर शुक्रवार को पिंकी के पिता कालिका गुप्ता को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने और सबूत नष्ट करने की धारा में केस दर्ज कर लिया है। एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जो-जो तथ्य सामने आएंगे। उसके तहत मुकदमे की धारा और आरोपियों का नाम बढ़ाया जाएगा।
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एसओ ने बताया कि जांच में पता चला कि पिंकी के घर किसी एक महिला रिश्तेदार ने फोन कर बताया था कि वह किसी और के साथ घूम रही थी। रिश्तेदार के फोन के बाद से ही उसके घर में कलह शुरू हुई थी। शुक्रवार को घर की तलाशी लेने पर पुलिस ने कफन बरामद कर लिया है। वहीं पिंकी के कमरे की तलाशी लेने पर एक लेटर बरामद हुआ जिसमें उसने अपनी महिला रिश्तेदार को दोषी ठहराया है। ऐसे में पुलिस लेटर के सत्यता की जांच के लिए उसे विशेषज्ञ के यहां भेजवा दिया है। एसओ रौनापार दिनेश पाठक ने बताया कि पिंकी के पिता सहित अन्य लोगों का बयान है कि पिंकी ने स्वयं आत्महत्या कर ली थी। उसे कोई लड़का परेशान कर रहा था। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर यदि बेटी को कोई परेशान कर रहा था तो घर वालों ने थाने में शिकायत क्यों नहीं किए, साथ ही पिंकी ने आत्महत्या ही कर ली तो पुलिस को क्यों सूचना नहीं दी और बगैर सूचना के ही लाश ठिकाने लगाने का प्रयास क्यों किया। इस मामले में कईयों की भूमिका संदिग्ध है। एसओ रौनापार दिनेश पाठक ने तहरीर देकर शुक्रवार को पिंकी के पिता कालिका गुप्ता को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने और सबूत नष्ट करने की धारा में केस दर्ज कर लिया है। एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जो-जो तथ्य सामने आएंगे। उसके तहत मुकदमे की धारा और आरोपियों का नाम बढ़ाया जाएगा।
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