UP: 'हमें नमाज पढ़ाने भेजा गया...', धार्मिक शिक्षा देने के आरोप में 14 लोग पकड़ाए; डेढ़ घंटे तक चली पूछताछ
यूपी के आजमगढ़ में धार्मिक शिक्षा देने की शिकायत पर पुलिस ने छह पुरुष और आठ महिलाओं को हिरासत में लिया है। वे लोग आंध प्रदेश से आए हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस ने उनसे डेढ़ घंटे तक पूछताछ की फिर छोड़ दिया।
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Azamgarh Crime: आजमगढ़ के बरदह थाना क्षेत्र के खराट गांव में पुलिस ने 14 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें 6 पुरुष और 8 महिलाएं शामिल हैं। ये लोग आंध्र प्रदेश से आए हैं और दावा कर रहे हैं कि उन्हें धार्मिक शिक्षा और नमाज पढ़ाने के लिए विभिन्न गांवों में भेजा गया है।
पुलिस की पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि वे पहले आजमगढ़, फिर सरायमीर पहुंचे, जहां से उन्हें खराट गांव भेजा गया। अन्य टीमें अलग-अलग स्थानों पर गई हैं। स्थानीय लोगों को इनके व्यवहार पर शक हुआ, जब वे गांव के उस्मान अली के घर रुके और कुछ दिन पहले पास के टेंट में रह रहे थे।
ग्रामीणों और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने इसकी सूचना बरदह थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष राजीव कुमार सिंह और सीओ लालगंज शुभम अग्रवाल पुलिस बल के साथ खराट गांव पहुंचे और उस्मान अली के घर से 14 लोगों को हिरासत में लिया। भाजपा बरदह मंडल के पदाधिकारियों ने थाने में तहरीर देकर इनकी गहन जांच की मांग की।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
सीओ भूपेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि पूछताछ में इन लोगों ने खुद को शिक्षक बताया और कहा कि वे कोविड काल में निजामुद्दीन, दिल्ली से मुस्लिम धर्म की शिक्षा देने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में भेजे गए थे। ये लोग मस्जिदों में जाकर शिक्षा देते हैं। पुलिस ने इनके आपराधिक इतिहास की जांच की, लेकिन कोई संदिग्ध रिकॉर्ड नहीं मिला।
सीओ ने कहा कि हमने 14 लोगों के खिलाफ प्राप्त आवेदन के आधार पर जांच शुरू की है। फिलहाल कुछ संदिग्ध नहीं मिला है। ये लोग शुक्रवार को दूसरे गांव में जाएंगे। आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी। इन लोगों को निर्देशित किया गया है कि जब यह लोग कहीं जाएं तो पुलिस को सूचना देकर जाएं।