{"_id":"626981e228fc0202114e6575","slug":"plan-to-build-sports-grounds-in-villages-dying-due-to-lack-of-land-azamgarh-news-vns650622580","type":"story","status":"publish","title_hn":"जमीन के अभाव में दम तोड़ रही गांवों में खेल मैदान बनाने की योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जमीन के अभाव में दम तोड़ रही गांवों में खेल मैदान बनाने की योजना
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आजमगढ़। सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के जरिए खेल मैदान बनाने की योजना थी। खेल मैदानों को चिह्नित करने के लिए शासन से डीएम को पत्र भेजा गया था। डीएम ने सभी खंड विकास अधिकारियों को खेल मैदान के लिए जमीन चिन्हित करने का निर्देश दिया था लेकिन जमीन के अभाव में जिले के 1300 से अधिक ग्राम पंचायतों में खेल मैदान बनाने की शासन की योजना दम तोड़ रही है। जिले में 22 ब्लाक है। जिसमें 1858 ग्राम पंचायतें हैं। शासन के आदेश पर सभी ग्राम पंचायतों में खेल मैदान बनाए जाए। खेल मैदान बनाने का उद्देश्य था कि खेलकूद से बच्चों की सेहत सुधरे। साथ ही ग्रामीणों को मार्निंग वॉक की सुविधा मिल सके। वहीं कई वर्ष बीतने के बाद भी राजस्व विभाग मैदानों के लिए अभी तक जमीन नहीं खोज सका है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में मनरेगा से मैदान बनाने के लिए लगभग एक बीघा जमीन की आवश्यकता है। विडंबना यह है कि जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतों में खेल मैदान बनाने के लिए पर्याप्त जगह ही नहीं है। इसलिए प्रक्रिया अधर में लटकी है। मनरेगा के तहत खेल मैदान बनाने के लिए खेल मैदान का समतलीकरण कराने व मिट्टी भराई करानी थी।
491 ग्राम पंचायतों में ही मिली जमीन
आजमगढ़। जिले में ग्राम पंचायतों में खेल मैदान बनना है। ग्राम पंचायतों की काफी जमीन है। पंचायतों की अनदेखी की वजह से दबंगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा जमा रखा है। हालत यह है कि अभी तक मात्र 491 गांवों में ही खेल मैदान के लिए जमीन मिली है। बाकी गांव में अभी तक जमीन ही नहीं मिली है। इसके लिए ब्लाकों से पत्राचार भी किया जा रहा है लेकिन जिम्मेदार मौन साधे हुए हैं। शासन ने खेल मैदान बनाने को लेकर सख्ती की है। सख्त आदेश है कि जहां खेल मैदान के लिए भूमि नहीं अभी तक मिली है, वहां जल्द से जल्द चिह्नित कर निर्माण कराएं। वहीं जहां जमीन मिल चुकी है वह 100 दिन के अंदर खेल मैदान का निर्माण कराएं। अन्यथा की स्थिति में सख्त कार्रवाई होगी।
खेल मैदान में ओपन जीम की भी देनी थी सुविधा
आजमगढ़। सरकार ने ग्रामीण इलाकों में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए ग्राम पंचायतों में खेल के मैदानों को विकसित करने और इनमें ओपन जिम खुलवाने के निर्देश दिए थे। इससे खिलाड़ी, खेलने के साथ अपनी फिटनेस का भी ध्यान रख सकेंगे। खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को खेल की सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, लेकिन जिम्मेदार उसपर भी पानी फेर रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 22 ब्लाकों के एक-एक गांव में खेल मैदान दर्ज हैं। लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। सच्चाई जानने के लिए अधिकारियों को भौतिक सत्यापन कराने की जरूरत है। ताकि पता चले कि जो खेल पार्क दिखाए जा रहे वह बदहाल पड़े हैं।
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अजमतगढ़ में जल्द बनेंगे 19 खेल मैदान
सगड़ी। फिट इंडिया मूवमेंट के तहत शासन ने हर गांव में खेल मैदान की स्थापना का निर्णय लिया है। पूर्व में सभी गांव के खेल के मैदानों के खाली कराने का निर्देश दिया गया था। इसके तहत अजमतगढ़ ब्लाक के 19 ग्राम पंचायतों में भूमि चिह्नित कर रिपोर्ट भेज दी गई है। जल्द ही खेल मैदान बनना शुरू हो जाएगा। क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी आस्था सिंह ने बताया कि 19 ग्राम पंचायतों में खेल मैदान के नाम से भूमि है। वहीं सात और ग्राम पंचायतों में खेल मैदान निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर दिया गया है।
जिम्मेदार को नहीं पता क्षेत्र में कितने खेल मैदान
निजामाबाद। निजामाबाद तहसील क्षेत्र के मिर्जापुर ब्लाक अंतर्गत 86 ग्राम पंचायत हैं। उक्त सभी ग्राम पंचायतों में खेल मैदान बनाए जाने हैं। इन ग्राम पंचातयों में कितने खेल मैदान बने, कितने अधूरे हैं, कितने के लिए भूमि नहीं मिली इसकी जानकारी जिम्मेदार अधिकारी को भी नहीं है। उक्त सूचना जब खंड विकास अधिकारी रामविलास से ली गई, उन्होंने दो टुक में बोल दिया इसकी जानकारी अभी हमारे पास नहीं है। इसलिए अभी रिपोर्ट देने में हम सक्षम नहीं हैं।
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बदहाल हो गया खेल मैदान
ठेकमा। विकास खंड ठेकमा में 86 गांव है। यहां कुछ गांव में खेल मैदान तो बनाए गए लेकिन रखरखाव के अभाव में वह खंडहर हो गए। वहीं बहुतायत गांव में अभी तक खेल मैदान नहीं बन सके। खंड विकास अधिकारी अखिलेश मिश्रा ने बताया कि बीजौली, ईरनी, हजारे, मालपुर, पसीका, बरदह, चौकी, सहनुडीह, जिवली. वडगन में जमीन चिन्हित कर महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत वर्क आईडी जारी हो रही है। बाकी गांव में जमीन राजस्व विभाग से मांगी जा रही है। उन्होंने बताया कि कई गांव में खेल का मैदान तो है लेकिन वह जमीन किसी के कब्जे में है। मुड़हर में सड़क के किनारे खेल का मैदान बना हुआ था। जिसमें कई प्रकार के लंबी कूद ऊंची कूद अन्य खेल की सामग्री लगी हुई थी। लगने के बाद आज तक उसकी सफाई नहीं हुई न ही वहां पर कोई खेलकूद हो पाता है।
जिला युवा कल्याण अधिकारी राजनेती सिंह ने बताया कि शासन की ओर से सभी ग्राम पंचायतों में खेल मैदान व ओपन जिम बनाने का निर्देश जारी किया गया है। इसके लिए एसडीएम के माध्यम से भूमि उपलब्ध कराई जा रही है। अभी तक 491 ग्राम पंचायतों में भूमि मिल चुकी है। प्रस्ताव भेज दिया गया है। 100 दिन के अंदर ही निर्माण पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है।
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491 ग्राम पंचायतों में ही मिली जमीन
आजमगढ़। जिले में ग्राम पंचायतों में खेल मैदान बनना है। ग्राम पंचायतों की काफी जमीन है। पंचायतों की अनदेखी की वजह से दबंगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा जमा रखा है। हालत यह है कि अभी तक मात्र 491 गांवों में ही खेल मैदान के लिए जमीन मिली है। बाकी गांव में अभी तक जमीन ही नहीं मिली है। इसके लिए ब्लाकों से पत्राचार भी किया जा रहा है लेकिन जिम्मेदार मौन साधे हुए हैं। शासन ने खेल मैदान बनाने को लेकर सख्ती की है। सख्त आदेश है कि जहां खेल मैदान के लिए भूमि नहीं अभी तक मिली है, वहां जल्द से जल्द चिह्नित कर निर्माण कराएं। वहीं जहां जमीन मिल चुकी है वह 100 दिन के अंदर खेल मैदान का निर्माण कराएं। अन्यथा की स्थिति में सख्त कार्रवाई होगी।
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खेल मैदान में ओपन जीम की भी देनी थी सुविधा
आजमगढ़। सरकार ने ग्रामीण इलाकों में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए ग्राम पंचायतों में खेल के मैदानों को विकसित करने और इनमें ओपन जिम खुलवाने के निर्देश दिए थे। इससे खिलाड़ी, खेलने के साथ अपनी फिटनेस का भी ध्यान रख सकेंगे। खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को खेल की सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है, लेकिन जिम्मेदार उसपर भी पानी फेर रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 22 ब्लाकों के एक-एक गांव में खेल मैदान दर्ज हैं। लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। सच्चाई जानने के लिए अधिकारियों को भौतिक सत्यापन कराने की जरूरत है। ताकि पता चले कि जो खेल पार्क दिखाए जा रहे वह बदहाल पड़े हैं।
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अजमतगढ़ में जल्द बनेंगे 19 खेल मैदान
सगड़ी। फिट इंडिया मूवमेंट के तहत शासन ने हर गांव में खेल मैदान की स्थापना का निर्णय लिया है। पूर्व में सभी गांव के खेल के मैदानों के खाली कराने का निर्देश दिया गया था। इसके तहत अजमतगढ़ ब्लाक के 19 ग्राम पंचायतों में भूमि चिह्नित कर रिपोर्ट भेज दी गई है। जल्द ही खेल मैदान बनना शुरू हो जाएगा। क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी आस्था सिंह ने बताया कि 19 ग्राम पंचायतों में खेल मैदान के नाम से भूमि है। वहीं सात और ग्राम पंचायतों में खेल मैदान निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर दिया गया है।
जिम्मेदार को नहीं पता क्षेत्र में कितने खेल मैदान
निजामाबाद। निजामाबाद तहसील क्षेत्र के मिर्जापुर ब्लाक अंतर्गत 86 ग्राम पंचायत हैं। उक्त सभी ग्राम पंचायतों में खेल मैदान बनाए जाने हैं। इन ग्राम पंचातयों में कितने खेल मैदान बने, कितने अधूरे हैं, कितने के लिए भूमि नहीं मिली इसकी जानकारी जिम्मेदार अधिकारी को भी नहीं है। उक्त सूचना जब खंड विकास अधिकारी रामविलास से ली गई, उन्होंने दो टुक में बोल दिया इसकी जानकारी अभी हमारे पास नहीं है। इसलिए अभी रिपोर्ट देने में हम सक्षम नहीं हैं।
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बदहाल हो गया खेल मैदान
ठेकमा। विकास खंड ठेकमा में 86 गांव है। यहां कुछ गांव में खेल मैदान तो बनाए गए लेकिन रखरखाव के अभाव में वह खंडहर हो गए। वहीं बहुतायत गांव में अभी तक खेल मैदान नहीं बन सके। खंड विकास अधिकारी अखिलेश मिश्रा ने बताया कि बीजौली, ईरनी, हजारे, मालपुर, पसीका, बरदह, चौकी, सहनुडीह, जिवली. वडगन में जमीन चिन्हित कर महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत वर्क आईडी जारी हो रही है। बाकी गांव में जमीन राजस्व विभाग से मांगी जा रही है। उन्होंने बताया कि कई गांव में खेल का मैदान तो है लेकिन वह जमीन किसी के कब्जे में है। मुड़हर में सड़क के किनारे खेल का मैदान बना हुआ था। जिसमें कई प्रकार के लंबी कूद ऊंची कूद अन्य खेल की सामग्री लगी हुई थी। लगने के बाद आज तक उसकी सफाई नहीं हुई न ही वहां पर कोई खेलकूद हो पाता है।
जिला युवा कल्याण अधिकारी राजनेती सिंह ने बताया कि शासन की ओर से सभी ग्राम पंचायतों में खेल मैदान व ओपन जिम बनाने का निर्देश जारी किया गया है। इसके लिए एसडीएम के माध्यम से भूमि उपलब्ध कराई जा रही है। अभी तक 491 ग्राम पंचायतों में भूमि मिल चुकी है। प्रस्ताव भेज दिया गया है। 100 दिन के अंदर ही निर्माण पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है।